नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर के एक दंपति से संपर्क नहीं हो पा रहा है। कांकसा थाना क्षेत्र के बामुनारा स्थित तपोवन सिटी के निवासी मौसुमी गंगोपाध्याय और अरिंदम गंगोपाध्याय 21 अगस्त को कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए एक निजी संस्था के साथ रवाना हुए थे। नेपाल के रास्ते मानसरोवर जाने की योजना के बीच आपदा की खबर आने के बाद से परिवार उनकी सलामती को लेकर बेहद चिंतित है।
नेपाल में संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होने के कारण कई यात्रियों और पर्यटकों के परिजनों को अपने रिश्तेदारों की स्थिति की जानकारी नहीं मिल पा रही है। इसी बीच दुर्गापुर के इस दंपति से संपर्क टूटने की खबर सामने आई है।
दो दिन से फोन पर नहीं मिला जवाब
स्थानीय लोगों के मुताबिक, मौसुमी और अरिंदम से संपर्क करने के लिए लगातार फोन किया गया। मोबाइल पर घंटी जा रही थी, लेकिन दूसरी तरफ से कोई फोन नहीं उठा रहा था। शुरुआत में परिवार और पड़ोसियों को उम्मीद थी कि नेटवर्क की समस्या या यात्रा के कारण दोनों फोन नहीं उठा पा रहे होंगे।
हालांकि, नेपाल में भीषण बाढ़ और तबाही की खबर सामने आने के बाद चिंता बढ़ गई। अब तक दंपति के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है।
तपोवन सिटी के एक पड़ोसी ने बताया कि दंपति कैलाश मानसरोवर जाने के लिए नेपाल गए थे। पड़ोसी के मुताबिक, दो दिन पहले फोन करने पर घंटी जा रही थी, लेकिन फोन का जवाब नहीं मिला। इसके बाद नेपाल में हुई भयावह घटना की जानकारी मिलने पर परिवार और स्थानीय लोग काफी परेशान हैं।
दुर्गापुर से छह लोगों का समूह गया था नेपाल
स्थानीय लोगों का दावा है कि मौसुमी और अरिंदम समेत दुर्गापुर से कुल छह लोग संबंधित निजी संस्था के साथ यात्रा पर गए थे। हालांकि, इस समूह के सभी सदस्यों की मौजूदा स्थिति की जानकारी सामने नहीं आई है।
दंपति के परिवार और परिचित लगातार उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहे हैं। फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं है कि आपदा के समय मौसुमी और अरिंदम नेपाल के किस इलाके में थे और वे किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंचे हैं या नहीं।
नेपाल की बाढ़ ने मचाई भारी तबाही
दुर्गापुर के दंपति से संपर्क टूटने की खबर ऐसे समय सामने आई है जब नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड के कारण बड़े पैमाने पर तबाही हुई है। नेपाल-तिब्बत सीमा के आसपास शुरू हुई इस आपदा का असर कई इलाकों तक पहुंचा। बाढ़ के तेज बहाव में सड़कें, पुल, मकान और दूसरी महत्वपूर्ण संरचनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं।
ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, नेपाल में मृतकों की संख्या 150 से ऊपर पहुंच चुकी है और 750 से अधिक लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें 133 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। कई भारतीय नागरिक कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल पहुंचे थे।
कैलाश मानसरोवर यात्रियों की बड़ी संख्या प्रभावित
नेपाल की इस आपदा में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले कई भारतीय यात्रियों के संपर्क से बाहर होने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, लापता भारतीयों में बड़ी संख्या तीर्थयात्रियों की है। पश्चिम बंगाल से भी कई यात्रियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
दुर्गापुर के मौसुमी और अरिंदम का मामला भी इसी पृष्ठभूमि में सामने आया है। हालांकि, अभी यह कहना संभव नहीं है कि दंपति बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में फंसे हुए हैं या किसी सुरक्षित स्थान पर हैं। संचार व्यवस्था बाधित होने के कारण उनकी स्थिति की पुष्टि नहीं हो सकी है।
राहत और बचाव अभियान जारी
नेपाल में सेना, सशस्त्र पुलिस और पुलिस की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं। प्रभावित इलाकों तक पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। भारत की ओर से भी नेपाल में प्रभावित भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने और सहायता पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
फिलहाल दुर्गापुर के परिवार की सबसे बड़ी चिंता यही है कि मौसुमी और अरिंदम से जल्द संपर्क स्थापित हो और उनकी सुरक्षित स्थिति की जानकारी मिल सके।
