IMDb पर 9.2 रेटिंग वाली मिस्ट्री-थ्रिलर, सस्पेंस का धांसू पैकेज था ये शो, पाताल लोक से तगड़ी थी पॉपुलैरिटी

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IMDb पर 9.2 रेटिंग वाली मिस्ट्री-थ्रिलर, सस्पेंस का धांसू पैकेज था ये शो, पाताल लोक से तगड़ी थी पॉपुलैरिटी

एक समय था जब भारत में मनोरंजन का मतलब था दूरदर्शन। फिल्मों से लेकर टीवी शोज तक के लिए सिनेमाघरों के अलावा यही एक मात्र माध्यम था। क्योंकि, उस दौर में न तो केबल टीवी था, न अनगिनत चैनलों की भीड़ और न ही ओटीटी। ऐसे में सिर्फ दूरदर्शन ही था, जो दर्शकों के लिए जानकारी एकत्रित करने के साथ-साथ मनोरंजन का भी साधन था। तब बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक, सभी साथ बैठकर टीवी देखते थे। खासतौर पर वीकेंड सभी के लिए बेहद खास हुआ करते थे, क्योंकि छुट्टी के साथ-साथ दूरदर्शन पर कुछ खास जरूर होता था। ये वो समय था जब दूरदर्शन पर दर्शकों को एंटरटेन करने के साथ-साथ सामाजिक संदेश और नैतिक मूल्य सिखाने की भी जिम्मेदारी थी। इसी दौरान टीवी पर एक ऐसा शो आया, जिसने दर्शकों को न सिर्फ एंटरटेन किया बल्कि स्मार्ट भी बनाया। खास बात तो ये है कि 90 के दशक में आए इस शो की पॉपुलैरिटी आज के दौर की हिट सीरीज ‘क्रिमिनल जस्टिस’ और ‘पाताल लोक’ से कहीं ज्यादा थी।

90s का हिट शो

हम बात कर रहे हैं प्रसिद्ध लेखक शरदेन्दु बंद्योपाध्याय की बांग्ला जासूसी कहानियों पर आधारित डिटेक्टिव शो ‘ब्योमकेश बक्शी’ की, जिसे शेरलॉक होम्स का इंडियन वर्जन कहा जाता है। इस सीरियल की शुरुआत साल 1993 में हुई थी और1996 तक दूरदर्शन पर ये प्रसारित हुआ। ब्योमकेश बक्शी में दिखाई जाने वाली कहानियां सस्पेंस और मिस्ट्री से भरी होती थीं, जिसे डिटेक्टिव ब्योमकेश बक्शी सुलझाते थे। उन दिनों इस शो ने दर्शकों के बीच अपनी खास पहचान बनाई और दिमागी खेल और तर्कशक्ति के बल पर दर्शकों को रोमांचित किया।

कहानी और किरदारों का जादू

इस लोकप्रिय मिस्ट्री-थ्रिलर का निर्देशन दिग्गज फिल्ममेकर बासु चटर्जी ने किया था और रजित कपूर इसमें लीड रोल में थे। रजित कपूर ने शो में जासूस ब्योमकेस बक्शी की भूमिका निभाई थी। उन्होंने अपने अभिनय से किरदार को इतना जीवंत बना दिया कि दर्शक उन्हें सचमुच का जासूस समझने लगे थे। रजित कपूर के साथ केके रैना बनर्जी भी इस शो का अहम हिस्सा थे, उन्होंने शो में ब्योमकेश बक्शी के दोस्त अजीत कुमार कीभूमिका निभाई थी और इस शो की खासियत थी कि ब्योमकेश बक्शी बिना किसी हाई टैक गैजेट या फोरेंसिक लैब के अपनी तेज बुद्धि और बारीक निरीक्षण से सभी केस सुलझा लेता था।

रहस्य और मनोरंजन से भरपूर एपिसोड

‘ब्योमकेश बक्शी’ की खासियत ये थी कि इसका हर एपिसोड रहस्य और रोमांच से भरे होते थे। ब्योमकेश और अजीत मिलकर बड़े से बड़े अपराध की गुत्थी सुलझाकर दर्शकों को हैरान कर देते थे। इस सीरियल की लोकप्रियता ने उन दिनों नए मानक स्थापित कर दिए थे। अभिनय से लेकर कंटेंट तक के मामले में ये शो हिट था और आज भी दर्शकों के दिलों पर राज करता है। इसकी सादगी, गहराई और क्रिएटिविटी इसे आज भी देश के सबसे बेहतरीन जासूसी थ्रिलर्स में से एक बनाती है।

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