आगरा गैस संकट: मेट्रो खुदाई में टूटी गेल की पाइपलाइन, 25 सीएनजी पंप बंद, फाउंड्री उद्योग भी ठप

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आगरा गैस संकट: मेट्रो खुदाई में टूटी गेल की पाइपलाइन, 25 सीएनजी पंप बंद, फाउंड्री उद्योग भी ठप

आगरा में मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर के निर्माण कार्य के दौरान गुरुवार रात हुई खुदाई में गेल इंडिया की मुख्य गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिसका असर शुक्रवार को शहर भर के वाहन चालकों, फाउंड्री उद्योग और हजारों घरों पर पड़ा। रामबाग क्षेत्र में पाइपलाइन टूटने से गैस आपूर्ति बाधित होने के कारण शहर के 25 सीएनजी पंप बंद रहे, जिससे करीब 65 हजार वाहन चालकों को दोपहर 12 बजे तक परेशानी झेलनी पड़ी। इनमें से लगभग 8,500 सीएनजी ऑटो चालक शामिल हैं।

क्या हुआ

गेल इंडिया की यह 8 इंच व्यास की स्टील पाइपलाइन टेढ़ी बगिया से सिकंदरा के बीच पीएनजी आपूर्ति करती है और गुरुवार रात करीब 9 बजे मेट्रो कॉरिडोर की खुदाई के दौरान टूट गई थी। इसके चलते रात से ही पाइपलाइन के जरिये होने वाली गैस आपूर्ति ठप हो गई।

शुक्रवार सुबह स्कूल वैन, स्कूल बस और निजी वाहन लेकर लोग सीएनजी पंपों पर पहुंचे तो उन्हें गैस देने से मना कर दिया गया। शहर में कुल 32 सीएनजी पंप हैं, जिनमें से शुक्रवार को केवल सात ही चालू रह सके। ग्रीन गैस लिमिटेड के अधिकारी किशन सिंह के अनुसार, रामबाग से कालिंदी विहार की ओर के पंप चालू रहे और वहीं से ताजनगरी क्षेत्र के पंपों को सिलिंडरों के जरिये आपूर्ति की गई। हालांकि आईएसबीटी, सिकंदरा और अन्य क्षेत्रों में दिनभर सीएनजी का संकट बना रहा। शाम तक पर्याप्त प्रेशर के साथ सभी क्षेत्रों में आपूर्ति सामान्य होने लगी।

फाउंड्री उद्योग पर भी असर, भट्ठियां रहीं ठंडी

गैस लाइन टूटने का असर शहर के फाउंड्री उद्योग पर भी पड़ा। शुक्रवार सुबह 8 बजे जब कारीगर काम पर पहुंचे तो फैक्टरियों में गैस उपलब्ध ही नहीं थी। नेशनल चैंबर के पूर्व अध्यक्ष नरिंदर सिंह के अनुसार, कारीगरों ने सुबह 11 बजे तक इंतजार किया, लेकिन गैस आपूर्ति दोपहर डेढ़ बजे के बाद ही शुरू हो सकी, जब तक कई कारीगर काम छोड़कर जा चुके थे। इस कारण अधिकांश फैक्टरियों में भट्ठियां पूरे दिन ठंडी रहीं। शहर में गैस का उपयोग करने वाली करीब 135 फाउंड्री फैक्टरियां हैं। चूंकि इन इकाइयों के जेनरेटर भी सीएनजी संचालित हैं, इसलिए बिजली न होने की स्थिति में बैकअप के तौर पर उन्हें भी नहीं चलाया जा सका।

घरेलू आपूर्ति भी रही प्रभावित

पाइपलाइन टूटने का असर सिर्फ वाहनों और उद्योगों तक सीमित नहीं रहा। शहर के करीब 70 हजार घरों की पीएनजी आपूर्ति भी करीब 15 घंटे तक बाधित रही, जिससे कई घरों में सुबह चाय-नाश्ता तक नहीं बन सका और लोगों को बाहर से खाना मंगाना पड़ा। दोपहर बाद स्थिति सामान्य होने पर राहत मिली।

आगे क्या

गेल इंडिया की टीमों ने पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलते ही रात में मरम्मत कार्य शुरू कर दिया था। शाम तक शहर के सभी क्षेत्रों में सामान्य प्रेशर के साथ आपूर्ति बहाल कर दी गई। हालांकि इस घटना ने मेट्रो निर्माण कार्य के दौरान भूमिगत उपयोगिता लाइनों (यूटिलिटी लाइन्स) को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत को एक बार फिर रेखांकित किया है।

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