राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) की मुख्य पीठ, दिल्ली के आदेश के अनुपालन में तहसील सदर के गांव अंगूठी स्थित तालाब की भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज हो गई है। तहसील प्रशासन ने तालाब की भूमि पर बने मंदिर, मस्जिद और मजार पर नोटिस चस्पा कर सात दिन के भीतर कब्जा हटाने के निर्देश दिए हैं।
गांव अंगूठी निवासी भूरी सिंह द्वारा 15 सितंबर 2024 को आगरा जिलाधिकारी और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के विरुद्ध एनजीटी में वाद दायर किया गया था। वादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने पैरवी की थी। सुनवाई के बाद एनजीटी ने तालाब की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए थे। निर्देशों के अनुपालन में क्षेत्रीय लेखपाल जितेंद्र चौधरी ने मार्च 2025 में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत तहसीलदार न्यायालय में वाद दर्ज कराया था। सभी पक्षों की सुनवाई के बाद तहसीलदार न्यायालय ने मंगलवार को तालाब की भूमि से अतिक्रमण हटाने का बेदखली आदेश पारित कर दिया।
बुधवार को तहसील प्रशासन की ओर से संबंधित धार्मिक स्थलों पर नोटिस चस्पा किए गए। नोटिस में सात दिन के भीतर अतिक्रमण स्वयं हटाने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में कब्जा न हटाने पर प्रशासन बलपूर्वक कार्रवाई कर तालाब की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराएगा।
प्रशासनिक अभिलेखों के अनुसार मंदिर पर लगभग 200 वर्गमीटर भूमि पर अतिक्रमण दर्ज किया गया है, जिस पर 13.80 लाख रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया है। मस्जिद पर लगभग 196 वर्गमीटर भूमि पर कब्जा दर्ज होने पर 14.70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं मजार पर करीब 40 वर्गमीटर भूमि पर अतिक्रमण पाए जाने पर दो लाख रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया है।

