आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों के करीब 10 हजार विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम अभी जारी नहीं हो सका है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों के करीब 1.24 लाख विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। इनमें से अधिकांश लंबित परिणामों की वजह कॉलेजों की ओर से विद्यार्थियों के आंतरिक मूल्यांकन के अंक विश्वविद्यालय को उपलब्ध न कराना बताई जा रही है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, कॉलेजों को कई बार निर्देश दिए जा चुके हैं कि वे विद्यार्थियों के आंतरिक अंक समर्थ पोर्टल पर अपलोड करें। इसके बावजूद कई कॉलेजों की ओर से अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है। आंतरिक अंक उपलब्ध नहीं होने के कारण परीक्षा परिणाम तैयार होने के बाद भी संबंधित विद्यार्थियों के रिजल्ट जारी नहीं किए जा सके हैं।
समर्थ पोर्टल पर अंक अपलोड करने के निर्देश
विश्वविद्यालय के समर्थ पोर्टल प्रभारी डॉ. मनु प्रताप सिंह ने बताया कि सत्र 2025-26 में करीब 1.24 लाख विद्यार्थियों ने परीक्षा दी है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर लंबित परिणाम एडेड कॉलेजों के विद्यार्थियों के हैं।
उनके मुताबिक, कॉलेजों को लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे विद्यार्थियों के आंतरिक मूल्यांकन के अंक जल्द उपलब्ध कराएं, ताकि लंबित परिणाम जारी किए जा सकें।
रिजल्ट न आने से आगे की पढ़ाई भी प्रभावित
परीक्षा परिणाम लंबित होने का असर विद्यार्थियों की अगली शैक्षणिक प्रक्रिया पर भी पड़ रहा है। कई छात्र-छात्राएं अगली कक्षा में प्रवेश और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं को पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
विश्वविद्यालय की ओर से संबंधित कॉलेजों को एक बार फिर आंतरिक अंक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। अब कॉलेजों की ओर से अंक अपलोड किए जाने के बाद ही लंबित विद्यार्थियों के परिणाम जारी होने का रास्ता साफ होगा।
कॉलेजों से मांगे जा रहे आंतरिक अंक
विश्वविद्यालय स्तर पर परीक्षा परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया में आंतरिक मूल्यांकन के अंक भी शामिल होते हैं। ऐसे में जिन विद्यार्थियों के अंक कॉलेजों से विश्वविद्यालय को नहीं मिले हैं, उनके परिणाम अंतिम रूप से जारी नहीं किए जा सके हैं।
फिलहाल करीब 10 हजार विद्यार्थियों को अपने रिजल्ट का इंतजार है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि कॉलेजों से आंतरिक अंक मिलते ही लंबित परिणाम जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
