कोच्चि में टीचर्स-छात्राओं की तस्वीरें अश्लील कंटेंट में बदलने का आरोप, BBA छात्र गिरफ्तार; Telegram ग्रुप की जांच

indianloveindia
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कोच्चि में टीचर्स-छात्राओं की तस्वीरें अश्लील कंटेंट में बदलने का आरोप, BBA छात्र गिरफ्तार; Telegram ग्रुप की जांच

केरल के कोच्चि में शिक्षकों और छात्राओं की तस्वीरों व वीडियो को कथित तौर पर डिजिटल तरीके से बदलकर अश्लील कंटेंट बनाने और सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में भारता माता कॉलेज, त्रिक्काकारा के दूसरे वर्ष के BBA लॉजिस्टिक्स छात्र एस. श्रीहरि को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, उसके डिजिटल उपकरणों की शुरुआती जांच में शिक्षकों और छात्रों की कई कथित रूप से मॉर्फ की गई तस्वीरें और वीडियो मिले हैं।

मामला कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य की शिकायत के बाद सामने आया। पुलिस ने पहले श्रीहरि को हिरासत में लेकर पूछताछ की और उसके मोबाइल समेत डिजिटल उपकरणों को कब्जे में लिया। पूछताछ और प्रारंभिक डिजिटल जांच के बाद 4 सितंबर को उसकी गिरफ्तारी औपचारिक रूप से दर्ज की गई।

2025 से तस्वीरें और वीडियो जुटाने का आरोप

FIR के मुताबिक, आरोपी दिसंबर 2025 से कॉलेज के कार्यक्रमों और अन्य मौकों पर शिक्षकों और छात्रों की तस्वीरें तथा वीडियो जुटा रहा था। पुलिस का आरोप है कि इन तस्वीरों और वीडियो में डिजिटल तरीके से बदलाव करने के बाद उन्हें Telegram और Instagram पर अपलोड किया जाता था, जहां से वे अलग-अलग ग्रुपों में प्रसारित होते थे।

पुलिस के अनुसार, श्रीहरि कॉलेज के एक छात्र संगठन की मीडिया सेल से भी जुड़ा था। जांचकर्ताओं का कहना है कि इस भूमिका के कारण उसके पास कॉलेज के कार्यक्रमों से जुड़ी तस्वीरों और वीडियो तक पहुंच थी।

Telegram ग्रुप में कई सदस्य, बाकी लोगों की तलाश

जांच में पुलिस को एक ऐसे Telegram ग्रुप के बारे में जानकारी मिली है, जिसमें कथित तौर पर छात्रों और शिक्षकों की तस्वीरें व वीडियो साझा किए जाते थे और उन्हें आपत्तिजनक रूप में बदलने का काम होता था। अधिकारियों के मुताबिक, ग्रुप में कई सदस्य थे और पुलिस उनकी पहचान करने की कोशिश कर रही है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी को ऐसी तस्वीरें या वीडियो उपलब्ध कराने अथवा साझा करने के बदले पैसे मिलते थे। उसके बैंक लेन-देन की भी जांच की जा रही है। अभी आर्थिक लाभ की बात जांच का हिस्सा है, इसे स्थापित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।

AI के इस्तेमाल की भी जांच

मामले में डिजिटल मॉर्फिंग के लिए AI तकनीक के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है। कॉलेज की ओर से पुलिस को दी गई जानकारी और मीडिया रिपोर्टों में आरोप है कि तस्वीरों में डिजिटल बदलाव कर उन्हें आपत्तिजनक वीडियो या तस्वीरों में बदला गया। पुलिस डिजिटल सामग्री की तकनीकी जांच कर रही है।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने, इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अश्लील सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करने और निजता से संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, जांच के दौरान IT Act की धारा 67A भी लगाई गई है।

छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ किया प्रदर्शन

मामला सामने आने के बाद कॉलेज के छात्रों ने प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि मामले में सिर्फ श्रीहरि ही शामिल नहीं हो सकता और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने प्रबंधन पर आरोपी को परिसर से बाहर जाने में मदद करने और मामले को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

छात्रों ने यह भी सवाल उठाया कि कथित मामले में अन्य लोगों की भूमिका सामने आने के बावजूद उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई। फिलहाल पुलिस Telegram ग्रुप से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।

कॉलेज ने आरोपों से किया इनकार, छात्र निष्कासित

कॉलेज प्रबंधन ने छात्रों के आरोपों से इनकार किया है। कॉलेज के मुताबिक, उसे 1 सितंबर की रात कथित गतिविधियों की जानकारी मिली और उसने मामले की जानकारी पुलिस को दे दी। इसके बाद आरोपी छात्र को कॉलेज से निष्कासित कर दिया गया। उसका मोबाइल फोन भी पुलिस को सौंप दिया गया।

कॉलेज के अनुसार, घटना की जानकारी उसे एक पूर्व छात्र के जरिए मिली थी, जिसके बाद मामले की आंतरिक जांच की गई और साइबर पुलिस की मदद ली गई।

पुलिस की जांच अभी जारी

पुलिस अब आरोपी के डिजिटल उपकरणों, Telegram ग्रुप और उससे जुड़े अन्य सदस्यों की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि कथित आपत्तिजनक सामग्री किस स्तर तक प्रसारित हुई और इसमें कितने लोगों की भूमिका थी।

मामले की जांच के दौरान सामने आने वाले डिजिटल साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली कानूनी प्रक्रिया और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

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