Auraiya: ‘हिलता हुआ पुल और बिना बाउंड्री का रास्ता’, 15 साल से जर्जर अनेशों पुल दे रहा हादसों को दावत, ग्रामीणों में आक्रोश

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Auraiya: ‘हिलता हुआ ढांचा और बिना बाउंड्री का रास्ता’, अनेशों पुल दे रहा हादसों को दावत, ग्रामीणों में आक्रोश

औरैया: जिले के बेला थाना क्षेत्र में रामगंगा नहर पर अनेशों गांव के पास बना पुल लंबे समय से बदहाली का शिकार है। करीब 15 साल से मरम्मत के अभाव में जर्जर हो चुका यह पुल अब ग्रामीणों के लिए गंभीर खतरा बन गया है। ग्रामीणों का दावा है कि पुल नीचे से हिलता है और इसकी दोनों तरफ सुरक्षा बाउंड्री तक नहीं है। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

पुल की खराब हालत और सुरक्षा इंतजामों की कमी को लेकर स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी बढ़ रही है।

पुल से नीचे गिरकर हो चुकी हैं कई दुर्घटनाएं

ग्रामीणों के मुताबिक, पुल पर सुरक्षा बाउंड्री नहीं होने के कारण अब तक कई हादसे हो चुके हैं। नहर में पशुओं के गिरने की घटनाएं भी लगातार सामने आती रहती हैं।

बताया गया कि पिछले वर्ष जलालपुर गांव का एक ग्रामीण साइकिल समेत पुल से नीचे नहर में जा गिरा था। हादसे में उसकी मौत हो गई थी। करीब छह महीने पहले दो स्कूली छात्राएं भी साइकिल समेत नहर में गिर गई थीं।

हालांकि, मौके पर मौजूद तैराक ग्रामीणों की मदद से दोनों छात्राओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुल के दोनों ओर मजबूत सुरक्षा बाउंड्री होती तो ऐसे हादसों की आशंका काफी कम हो सकती थी।

कई गांवों को जोड़ता है यह प्रमुख पुल

अनेशों गांव के पास बना यह पुल सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि आसपास के कई गांवों के आवागमन का प्रमुख जरिया है। यह अनेशों, जमालपुर, कुंवरपुर, लिधौरा, डभारी और पालनगर समेत कई गांवों को जोड़ता है।

इस रास्ते से रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीणों के अलावा स्कूली वाहन भी गुजरते हैं। ऐसे में पुल की जर्जर हालत बच्चों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा रही है।

15 साल में नहीं हुई बड़ी मरम्मत

ग्रामीणों का कहना है कि पुल के निर्माण के बाद करीब 15 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अब तक इसकी कोई बड़ी मरम्मत नहीं कराई गई। समय के साथ पुल की स्थिति लगातार खराब होती गई और अब ग्रामीणों को इसके नीचे से हिलने की शिकायत भी है।

लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

मरम्मत के साथ सुरक्षा बाउंड्री की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से पुल का स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जर्जर हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराई जाए और पुल के दोनों ओर मजबूत सुरक्षा बाउंड्री लगाई जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल सड़क और पुल की मरम्मत का मामला नहीं है, बल्कि हर दिन इस रास्ते से गुजरने वाले हजारों लोगों की सुरक्षा का सवाल है। समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़े हादसे के बाद जिम्मेदारी तय करने का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।

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