बिजनौर की मुस्कान खान ने इश्क में मजहब की दीवार लांघकर अपने प्रेमी कुनाल से हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली। दोनों ने बरेली के एक आश्रम में सात फेरे लिए। शादी के बाद मुस्कान ने कहा कि उन्होंने स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन कर कुनाल से शादी की है। वह राधा-कृष्ण की भक्त हैं। कहते हैं कि प्यार की कोई सरहद नहीं होती और न ही कोई धर्म। कुछ ऐसी ही कहानी बिजनौर की मुस्कान खान और बरेली के कुनाल की है, जिन्होंने समाज की बंदिशों को पीछे छोड़ते हुए अपनी नई दुनिया बसा ली है। बिजनौर के नजीबाबाद की रहने वाली मुस्कान ने हिंदू धर्म अपनाकर कुणाल से विवाह कर लिया। शहर के एक आश्रम में दोनों ने सात फेरे लिए।
चार साल पहले हुई थी प्रेम कहानी
मुस्कान और कुणाल के प्यार की कहानी चार साल पहले शुरू हुई थी। अलग-अलग धर्म होने के कारण शादी की राह आसान नहीं थी, लेकिन दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें खा लीं। मुस्कान के मुताबिक, वह लंबे समय से भगवान राधा-कृष्ण की भक्त रही हैं और सनातनी परंपराओं के प्रति उनका झुकाव शुरू से ही था। जब परिवार के लोग नहीं माने तो मुस्कान ने कुनाल के साथ रहने का फैसला कर लिया।
अगस्त्य मुनि आश्रम में गूंजे मंत्र
बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में मुस्कान और कुनाल का विवाह कराया गया। आश्रम के आचार्य पंडित केके शंखधार ने पूरे विधि-विधान के साथ पहले मुस्कान का शुद्धिकरण कराया। मुस्कान के मुताबिक उसने स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन किया और हिंदू धर्म अपना लिया। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मुस्कान और कुनाल ने अग्नि के सामने सात फेरे लिए और जन्म-जन्मांतर के साथी बन गए।
‘पति के साथ मंदिरों में दर्शन करने जाऊंगी’
अपने प्रेमी कुनाल से शादी करने के बाद मुस्कान बेहद खुश नजर आईं। मुस्कान ने बताया कि उनकी राधा-कृष्ण में बहुत आस्था है। अब वह जल्दी ही मंदिरों का दर्शन करने पति के साथ जाएंगी। कुनाल ने भी जिंदगीभर मुस्कान का साथ देने का वादा किया।
सवा सौ शादियों कराने का दावा
यह शादी कराने वाले पंडित केके शंखधार एक बार फिर चर्चा में हैं। बताया जा रहा है कि वे अब तक करीब 125 मुस्लिम युवतियों की शादी करा चुके हैं।

