मुरादाबाद मंडल में अधिकारी विकास कार्यों के दावे भले ही करते हों, लेकिन सीएम डैशबोर्ड पर जारी होने वाली रैंकिंग उनके दावों की हवा निकाल देती है। मार्च माह की जारी रैंकिंग में मंडल के जिले विकास कराने में फिर पीछे रह गए। मुरादाबाद 61वें, अमरोहा 54वें, संभल 46वें और बिजनाैर 47 वें स्थान पर रहा।
यह लगातार चाैथा माैका है जब मुरादाबाद मंडल विकास के क्षेत्र में पिछड़ गया। हालांकि जरा सा ही सुधार आया है, वहीं रामपुर प्रदेश में टॉपटेन में जगह बनाने में सफल रहा। जिलों में होने वाले विकास कार्यों, राजस्व वसूली, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर शासन स्तर से भी नजर रखी जाती है।
जिलों से शासन को भेजी जाने वाली रिपोर्ट की समीक्षा कराई जाती है। इसके बाद हर महीने की दस तारीख को सीएम डैशबोर्ड पर प्रदेश के सभी 75 जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है। शुक्रवार को मार्च माह की रैंकिंग जारी की गई। विकास कार्याें में दिसंबर 2025 में पिछड़ने वाला मुरादाबाद मंडल इस साल जनवरी और फरवरी के बाद मार्च में भी पीछे रह गया।
रामपुर को छोड़कर मंडल का कोई जिला टापटेन तो छोड़िए टाप-20 में भी जगह नहीं बना पाया। फरवरी की तुलना में इस बार भी मंडल के जिलों में मुरादाबाद की स्थिति खराब रही। मुरादाबाद 61वें स्थान पर रहा। वहीं अमरोहा 54 वें, संभल 46 वें और बिजनाैर 47 वें स्थान पर रहा।
ये हाल तब है जब जिले और मंडल स्तर पर विकास कार्याें की निगरानी की जाती है। बैठक कर बिंदुवार समीक्षा की जाती है। साथ ही अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाती है। हालांकि फरवरी माह की तुलना में मुरादाबाद, अमरोहा और संभल की रैंकिंग में कुछ सुधार है। जबकि रामपुर को प्रदेश में चाैथा स्थान मिला है।

