मथुरा: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को मथुरा पहुंचे। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर में गो-पूजन और भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन-पूजन किए। इसके बाद जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सनातन आस्था, अयोध्या में राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और मथुरा-वृंदावन के विकास समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।
अपने संबोधन में सीएम योगी ने कहा कि सनातन की आस्था को मिटाने के लिए इतिहास में कई प्रयास हुए, लेकिन कोई इसे समाप्त नहीं कर सका। उन्होंने कहा कि आस्था को मिटाने का प्रयास करने वाले खुद मिट्टी में मिल गए और उनकी स्मृति ही शेष रह गई।
‘समाज विरोधी ताकतों की कंस जैसी दुर्गति तय’
सीएम योगी ने भगवान श्रीकृष्ण के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि सज्जन शक्ति का संरक्षण किया जाएगा, जबकि राष्ट्र और समाज की एकता-अखंडता को नुकसान पहुंचाने तथा समाज में विद्वेष फैलाने वाली शक्तियों को परिणाम भुगतने होंगे।
उन्होंने कहा कि जो भी राष्ट्र की एकता, अखंडता और आस्था को चोट पहुंचाने का प्रयास करेगा, उसकी दुर्गति कंस जैसी तय है। मुख्यमंत्री ने इसी संदर्भ में कहा कि समाज विरोधी और राष्ट्र विरोधी शक्तियों को कुचल दिया जाएगा।
योगी ने अपने भाषण में भगवान श्रीकृष्ण के संदेश ‘परित्राणाय साधूनाम्, विनाशाय च दुष्कृताम्’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हजारों वर्ष पहले दिया गया यह संदेश आज भी प्रासंगिक है।
काशी का उदाहरण देकर क्या बोले योगी?
मुख्यमंत्री ने काशी विश्वनाथ धाम का उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ वर्ष पहले तक जिस भव्य परिसर की कल्पना मुश्किल लगती थी, आज वह वास्तविकता है। उन्होंने कहा कि सरकार भारत की विरासत और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ रही है।
योगी ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने जिन धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण और संरक्षण की परंपरा को आगे बढ़ाया था, उसी कड़ी को मौजूदा सरकार आगे बढ़ाने का काम कर रही है।
अयोध्या के विकास का भी किया जिक्र
सीएम योगी ने अयोध्या के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि आज वहां श्रद्धालुओं के लिए सड़क, बिजली, पानी, एयरपोर्ट और रेलवे जैसी सुविधाओं में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने दावा किया कि अयोध्या में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और पर्व-त्योहारों के दौरान यह संख्या काफी बढ़ जाती है।
उन्होंने राम मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन लोगों को अयोध्या का यह स्वरूप अच्छा नहीं लगता, वे शहर को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। दूसरी ओर, उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को लगता है कि रामलला फिर से अयोध्या में विराजमान हैं।
‘बाबर और औरंगजेब में आस्था रखने वाले सम्मान नहीं करेंगे’
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने मुगल शासकों बाबर और औरंगजेब का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की आस्था बाबर और औरंगजेब में है, वे सनातन आस्था का सम्मान नहीं कर सकते।
योगी ने आरोप लगाया कि ऐसी ताकतें समाज में ‘विष’ घोलने और देश की एकता को कमजोर करने का प्रयास कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार ऐसे मंसूबों को सफल नहीं होने देगी।
पिछली सरकारों पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकारें मथुरा आने से डरती थीं और उन्हें वोट बैंक की चिंता रहती थी। उन्होंने 2016 की जवाहर बाग घटना का जिक्र करते हुए कहा कि आज ब्रजभूमि की पहचान जन्मोत्सव, रंगोत्सव, ब्रजरज उत्सव और वैष्णव कुंभ जैसे आयोजनों से हो रही है।
ब्रज को 977 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मथुरा दौरे में धार्मिक कार्यक्रमों के साथ विकास परियोजनाएं भी प्रमुख रहीं। कार्यक्रम की पूर्व घोषित योजना के मुताबिक ब्रज क्षेत्र के लिए करीब 977 करोड़ रुपये की 224 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया/प्रस्तावित था।
इनमें करीब 540 करोड़ रुपये की 57 परियोजनाओं का लोकार्पण और 437 करोड़ रुपये की 167 नई परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इसके अलावा गीता शोध संस्थान में करीब 42 करोड़ रुपये की लागत से बने श्री स्वामी हरिदास ऑडिटोरियम का भी लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल रहा।
हालांकि, बाद की रिपोर्टों में लोकार्पित परियोजनाओं की संख्या 57 के बजाय 62 और कुल परियोजनाओं की संख्या 229 भी बताई गई है। इसलिए परियोजनाओं के आंकड़ों में रिपोर्टिंग स्तर पर अंतर दिखाई देता है।
जन्माष्टमी पर मथुरा में योगी का पूजन
जन्माष्टमी के दिन मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर में गो-पूजन किया और इसके बाद मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन किया। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने केशव देव मंदिर, योगमाया मंदिर, गर्भगृह और भागवत भवन में भी पूजा-अर्चना की।
मथुरा-वृंदावन में जन्माष्टमी के अवसर पर देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। प्रशासन ने भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए व्यापक इंतजाम किए हैं।
