नई दिल्ली: ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी टकराव और तेज हो गया है। कांग्रेस की ओर से पार्टी के कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के 6 स्टैंजा में से शुरुआती 2 स्टैंजा गाने का फैसला किए जाने के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बीजेपी के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी कांग्रेस को देशभक्ति का पाठ न पढ़ाए।
विवाद की शुरुआत 15 अगस्त को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर हुई थी। बीजेपी ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रगीत के पूरे गायन में बाधा डालने की कोशिश की। कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज किया था।
गोवा में भी सिर्फ दो स्टैंजा का हुआ गायन
विवाद के बीच गोवा कांग्रेस के एक कार्यक्रम में भी ‘वंदे मातरम्’ के 6 स्टैंजा में से केवल 2 स्टैंजा गाए गए। इस कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी मौजूद थे।
कांग्रेस के अनुसार, पार्टी के कार्यक्रमों में 6 में से दो स्टैंजा का गायन किया जाएगा, जबकि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वहां सभी 6 स्टैंजा गाए जाएंगे।
इस फैसले के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया है कि जिस पार्टी ने स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी भूमिका का दावा किया है, उसके नेतृत्व को राष्ट्रगीत के पूरे स्वरूप को लेकर ऐसी नीति क्यों बनानी पड़ रही है।
बीजेपी ने मांगी कांग्रेस से माफी
बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि आजादी के आंदोलन की अगुवाई करने का दावा करने वाली पार्टी के मौजूदा नेतृत्व द्वारा ‘वंदे मातरम्’ का कथित तिरस्कार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस मामले में देश से माफी मांगनी चाहिए और इसके लिए कोई औचित्य स्वीकार नहीं किया जा सकता।
खरगे बोले- बीजेपी हमें देशभक्ति न सिखाए
बीजेपी के आरोपों पर मल्लिकार्जुन खरगे ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी को कांग्रेस को देशभक्ति का पाठ पढ़ाने की जरूरत नहीं है।
खरगे ने अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि जब वह पहली बार विधायक बने थे, तब अमित शाह बच्चे थे। उन्होंने बीजेपी के वैचारिक पूर्वजों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा नहीं लिया था, इसलिए कांग्रेस को देशभक्ति सिखाने की कोशिश न की जाए।
इस तरह ‘वंदे मातरम्’ अब केवल राष्ट्रगीत के गायन तक सीमित मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि कांग्रेस और बीजेपी के बीच देशभक्ति, स्वतंत्रता आंदोलन और राजनीतिक विरासत की बहस का नया मुद्दा बन गया है।
कांग्रेस मुख्यालय के कार्यक्रम पर पहले भी उठे थे सवाल
15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के पूरे संस्करण के गायन को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए थे।
बीजेपी ने दावा किया था कि गायन के दौरान सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के कुछ इशारों से ऐसा लगा कि गीत को आगे जारी रखने पर आपत्ति जताई जा रही थी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मुद्दे पर कांग्रेस और सोनिया गांधी से देश से माफी मांगने की मांग की थी।
कांग्रेस ने हालांकि इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि राष्ट्रगीत को रोकने की कोई कोशिश नहीं हुई थी।
बंकिम चंद्र चटर्जी के वंशज ने जताया दुख
विवाद के बीच ‘वंदे मातरम्’ के रचयिता बंकिम चंद्र चटर्जी के वंशज सुमित्रो चटर्जी ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कांग्रेस मुख्यालय में हुई घटना पर दुख जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण गाए जाने के दौरान इसे रोकने के प्रयास किए गए।
सुमित्रो चटर्जी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे राष्ट्रगीत से जुड़ी भावनाएं आहत हुई हैं।
लाल किले पर पहली बार बजा ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण
इस विवाद के बीच 15 अगस्त को दिल्ली के लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण बजाया गया। इसके बाद राष्ट्रगान हुआ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया।
अब कांग्रेस के कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के कितने हिस्से गाए जाएंगे, इस फैसले ने राजनीतिक विवाद को और हवा दे दी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच जुबानी जंग और तेज होने के आसार हैं।

