कोर्ट ने दिया सरकारी दफ्तर को नीलाम करने का आदेश, भवन निर्माण विभाग में मचा हड़कंप, जानिए पूरा मामला

3 Min Read
कोर्ट ने दिया सरकारी दफ्तर को नीलाम करने का आदेश, भवन निर्माण विभाग में मचा हड़कंप, जानिए पूरा मामला

किशनगंज: बिहार के किशनगंज में अदालत के एक आदेश ने भवन निर्माण विभाग में हड़कंप मचा दिया है। दरअसल, किशनगंज व्यवहार न्यायालय ने संवेदक का बकाया रुपया भुगतान नहीं करने पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए सरकारी विभाव के कार्यालय एवं अन्य सामग्री के नीलामी का आदेश दिया है। जहां जिले भर में कोर्ट के इस आदेश की सराहना हो रही है वहीं भवन निर्माण विभाग में हड़कंप मच गया है।

क्यों कोर्ट ने यह फैसला दिया?

मालूम हो कि व्यवहार न्यायालय के सब जज प्रथम की कोर्ट ने एक संवेदक के 8 साल पुराना बकाया मामले में भवन निर्माण विभाग के दफ्तर को नीलाम करने का आदेश दिया है। नीलामी को लेकर विभागीय कार्यालय सहित शहर के प्रमुख जगहों पर नोटिस चिपकाया गया है। किशनगंज जिले के इतिहास में यह पहला मामला है जब इस तरह का फैसला हुआ है। नीलामी की तिथि 28 जनवरी 2026 मुकर्रर की गई है। यह मामला निष्पादन वाद संख्या 22/2024 (सिस-25/2024) से जुड़ा है।

संवेदक का कितना पैसा बकाया?

जानकारी के मुताबिक संवेदक मुकेश सिंह का 23 लाख रुपया विभाग के पास बकाया है। मुकेश सिंह के द्वारा 8 साल पहले विभाग के लिए निर्माण और मरम्मत का कार्य किया गया था। काम पूरा होने के बाद वे भुगतान के लिए लगातार दफ्तर का चक्कर लगाते रहे। जिसके बाद थक कर  विभागीय ट्रिब्यूनल में मुकदमा दायर कर दिया। ट्रिब्यूनल के द्वारा भुगतान का आदेश दिया गया था लेकिन विभाग के द्वारा टाल मटोल किया गया जिसके बाद मुकेश सिंह ने व्यवहार न्यायालय में मुकदमा दर्ज करवाया।

भवन, जमीन समेत इन चीजों की भी नीलामी

किशनगंज व्यवहार न्यायालय ने नीलामी का जो आदेश दिया है उसमें भवन निर्माण विभाग का किशनगंज का कार्यालय, जमीन तथा अन्य संपत्तियां शामिल हैं। इनमें 4 टेबल, 20 कुर्सी, 5 अलमारी, 6 सीलिंग फैन और एक एयर कंडीशनर भी शामिल है। इसके अलावा अचल संपत्ति में मौजा डुमरिया, वार्ड संख्या 09, एमएस खाता संख्या 171, प्लॉट संख्या 255 (डी व ई) एवं 256 (डी), कुल रकबा लगभग 10 कट्ठा, जिसमें दो मंजिला पक्का भवन शामिल है, जिसका क्षेत्रफल लगभग 2000 वर्ग फीट है। भूमि एवं भवन का अनुमानित मूल्य करीब 1 करोड़ 50 लाख रुपये बताया गया है। इस संबंध में भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता ने ज्यादा कुछ कहने से इनकार कर दिया है। कार्यपालक अभियंता पंकज सिंह ने फोन पर कहा कि यह पुराना मामला है और विभाग को बकाया भुगतान हेतु पत्र लिखा गया है।

Share This Article
Leave a Comment

Please Login to Comment.

Exit mobile version