आगरा के फव्वारा बाजार में फिजीशियन सैंपल, सरकारी और सैन्य सप्लाई की दवाओं का अवैध रूप से भंडारण करने और लोगों की जान से खिलवाड़ करने के आरोपी ज्योति ड्रग हाउस के मालिक दयालबाग के अमित विहार निवासी नारायण दास हंसराजानी के खिलाफ कोतवाली थाने में दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। एक प्राथमिकी में उनके कर्मचारी रेणुका बाग निवासी पुनीत कटारा को भी आरोपी बनाया गया है।
औषधि निरीक्षक नवनीत कुमार के मुताबिक, आगरा में नकली और सैंपल की दवाओं की बिक्री की सूचना पर खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन, लखनऊ मुख्यालय से टीम का गठन किया गया था। इसमें कई जिलों के औषधि निरीक्षकों की टीम ने 22 मई को एक साथ ज्योति ड्रग हाउस पर छापा मारा। अवैध गोदाम में इंसुलिन इंजेक्शन, रेबीज वैक्सीन जैसी जीवनरक्षक दवाएं भी मिलीं, जिन्हें बिना कोल्डचेन के रखा गया था। इन दवाओं का लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की पूरी संभावना थी। इस पर फर्म संचालक और कर्मचारी के खिलाफ कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
कर्मचारी के नाम पर लिया गोदाम
जांच के दौरान टीम को मुखबिर से पता चला कि दवाओं को गांव-गांव झोलाछापों को बेचा जाता है। इससे आरोपी मोटी कमाई करते हैं। भवन स्वामी गोविंद राम ने बताया कि हंसराजनी ने यह गोदाम अपने कर्मचारी किशोर मेहता के नाम से किराए पर लिया था। परिसर में दवाओं को भंडारित करने का लाइसेंस भी नहीं मिला। इसमें 10 तरीके की दवाओं के नमूने लिए गए। औषधि निरीक्षक नवनीत ने बताया कि सैंपल की दवाओं को फ्री में ही बांटा जा सकता है। इन्हें बेचा नहीं जा सकता।

