एनएच-34 के चौड़ीकरण और सड़क सुरक्षा इंतजामों की मांग को लेकर कलक्ट्रेट परिसर में हुए प्रदर्शन के मामले में कोतवाली पुलिस ने भाजपा जिला उपाध्यक्ष शिवेंद्र सिंह, भाजयुमो जिलाध्यक्ष आकाश त्रिपाठी सहित 16 नामजद और 35-40 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने बिना अनुमति कलक्ट्रेट परिसर में एकत्र होकर नारेबाजी की और शासकीय कार्य में बाधा डाली।
बता दें कि 21 मई को सुबह करीब 11:30 बजे कलक्ट्रेट परिसर में लोग एकत्र हुए थे। प्रदर्शनकारी एनएच-34 पर लगातार हो रहे हादसों को लेकर चौड़ीकरण, डिवाइडर, रिफ्लेक्टर, संकेतक और अन्य सुरक्षा इंतजामों की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने डीएम कार्यालय के बाहर चूड़ियां फेंककर विरोध जताया था। ज्ञापन लेने जिलाधिकारी के न आने पर प्रदर्शनकारी नाराज हो गए थे।
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 189 (2), 221 और 223 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिले में धारा 163 लागू होने के बावजूद बिना अनुमति प्रदर्शन किया गया। इससे कलक्ट्रेट में शासकीय कार्य प्रभावित हुआ। मामले की जांच उपनिरीक्षक अजीत सिंह को सौंपी गई है।
नामजद लोगों में शिवेंद्र सिंह, नीशू गुप्ता, बब्बा ठाकुर, आकाश त्रिपाठी, रणवीर सिंह लाला, अशोक निषाद, अमर धुरिया, युगांक मिश्रा, दिनेश सिंह, उज्ज्वल पाठक, वंदना तिवारी, आशीष कुमार, हसन खान उर्फ गोलू, दीपा तिवारी, नीलम निषाद सहित अन्य शामिल हैं। रिपोर्ट में 35-40 अज्ञात पुरुष और महिलाओं का भी उल्लेख है। वहीं प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका आंदोलन सड़क सुरक्षा और जनहित से जुड़ा था। एनएच-34 पर लगातार हादसे हो रहे हैं। सड़क चौड़ीकरण और सुरक्षा इंतजाम न होने से लोगों की जान जा रही है। इधर, रिपोर्ट दर्ज होने के बाद मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया है।

