फिरोजाबाद बच्ची मामले में हाईकोर्ट सख्त, पिता को 21 सितंबर को स्कूल ड्रेस-बैग के साथ बेटी को पेश करने का आदेश

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फिरोजाबाद बच्ची मामले में हाईकोर्ट सख्त, पिता को 21 सितंबर को स्कूल ड्रेस-बैग के साथ बेटी को पेश करने का आदेश

फिरोजाबाद: एमजीएम कॉन्वेंट स्कूल से छह वर्षीय बच्ची को उसके पिता द्वारा ले जाने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने बच्ची के पिता जसप्रीत सिंह को निर्देश दिया है कि वह 21 सितंबर 2026 को बच्ची को उसी स्कूल ड्रेस और बैग के साथ सशरीर अदालत में पेश करे, जिसमें वह 6 मई को स्कूल से उसके साथ गया था।

मामला फिरोजाबाद के थाना दक्षिण क्षेत्र का है। बच्ची की मां हिमांतिका की ओर से हाईकोर्ट में गुहार लगाए जाने के बाद अदालत ने यह निर्देश दिया। इससे पहले मामले में फिरोजाबाद पुलिस के बयान भी अदालत में दर्ज किए जा चुके हैं। पिता की ओर से पूर्व में बच्ची के सुरक्षित होने का दावा करते हुए शपथपत्र दाखिल किए जाने की बात भी सामने आई है। इसके बावजूद हाईकोर्ट ने बच्ची को स्वयं अदालत के सामने पेश करने का निर्देश दिया है।

6 मई को स्कूल से बच्ची को ले गया था पिता

मामला 6 मई 2026 का है। नई बस्ती निवासी संजय कुमार सक्सेना की छह वर्षीय भांजी शिफत रोज की तरह एमजीएम कॉन्वेंट स्कूल गई थी। स्कूल से छुट्टी के बाद जब बच्ची घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने तलाश शुरू की।

पुलिस ने स्कूल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में बच्ची का पिता जसप्रीत सिंह उसे गोद में लेकर स्कूल से बाहर निकलता दिखाई दिया। रिपोर्टों के मुताबिक, वह एक साथी के साथ स्कूटी से आया था और बच्ची को अपने साथ ले गया।

पति-पत्नी के बीच चल रहा है विवाद

जसप्रीत सिंह और उसकी पत्नी हिमांतिका के बीच वैवाहिक विवाद अदालत में लंबित है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जसप्रीत 5 मई को भरण-पोषण से जुड़े एक मुकदमे की तारीख के सिलसिले में फिरोजाबाद आया था। इसके अगले दिन वह बच्ची को स्कूल से अपने साथ ले गया।

घटना के बाद बच्ची के मामा संजय कुमार सक्सेना की शिकायत पर थाना दक्षिण पुलिस ने 8 मई को जसप्रीत सिंह और उसके एक साथी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस ने इसे बच्ची को ले जाने के मामले के तौर पर दर्ज कर जांच शुरू की थी।

पिता ने बच्ची के सुरक्षित होने का दावा किया

मामले में पिता की ओर से पहले हाईकोर्ट और पुलिस के समक्ष शपथपत्र देकर बच्ची के सुरक्षित होने का दावा किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, अदालत ने केवल इस दावे पर निर्भर रहने के बजाय बच्ची को स्वयं अदालत के सामने पेश करने का निर्देश दिया है।

हाईकोर्ट का 21 सितंबर को बच्ची को स्कूल ड्रेस और बैग के साथ पेश करने का निर्देश इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अदालत उसके संबंध में प्रत्यक्ष स्थिति जानना चाहती है।

सुप्रीम कोर्ट में भी चल चुका है दंपती का मामला

जसप्रीत सिंह और हिमांतिका के बीच विवाद का मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच चुका है। सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड में Jaspreet Singh alias Simmi बनाम Himantika alias Heemu के नाम से ट्रांसफर याचिका दर्ज है। जनवरी 2026 के आदेश में दोनों पक्षों से जुड़े मामलों के स्थानांतरण की मांग का उल्लेख है।

फिलहाल बच्ची की वास्तविक स्थिति और उसके अभिरक्षण को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है। 21 सितंबर की सुनवाई में बच्ची की सशरीर पेशी के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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