अंतरराष्ट्रीय बाजार में सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के बीच सोने की कीमतों ने नया इतिहास रच दिया है। सोमवार, 26 जनवरी 2026 को सोना पहली बार 5,000 डॉलर ($) प्रति औंस के स्तर को पार कर गया। रिपोर्ट के मुताबिक, स्पॉट गोल्ड 1.98% की तेजी के साथ $5,081.18 प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि कारोबार के दौरान इसने $5,092.71 का ऑल-टाइम हाई भी छुआ। वहीं, फरवरी डिलीवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 2.01% बढ़कर $5,079.30 प्रति औंस पर बंद हुए।
जोखिम से बचाव की सोच ने बढ़ाई चमक
विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों में बढ़ते जोखिम से बचाव की सोच, भू-राजनीतिक तनाव और ट्रेड वॉर की आशंकाओं ने सोने में तेज खरीदारी को बढ़ावा दिया है। इसके साथ ही, कमजोर अमेरिकी डॉलर ने भी पीली धातु को मजबूत सहारा दिया। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉलर इंडेक्स पिछले छह ट्रेडिंग सेशंस में करीब 2% टूट चुका है, जिससे अन्य मुद्राओं में निवेश करने वालों के लिए सोना और आकर्षक बन गया है।
ट्रंप की टैरिफ धमकियां से मिला सपोर्ट
सोने की मौजूदा रैली के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ धमकियां भी अहम वजह मानी जा रही हैं। वीकेंड पर ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर कनाडा चीन के साथ ट्रेड डील आगे बढ़ाता है, तो उस पर 100% टैरिफ लगाया जाएगा। इसके अलावा, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर दबाव बनाने के लिए ट्रंप ने फ्रेंच वाइन और शैंपेन पर 200% टैरिफ लगाने की धमकी भी दी, ताकि वे उनके ‘बोर्ड ऑफ पीस’ इनिशिएटिव में शामिल हों। यह बयान ऐसे समय आए हैं, जब पहले से ही वेनेजुएला में सैन्य हस्तक्षेप, ग्रीनलैंड को जोड़ने की धमकी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की स्वायत्तता को कमजोर करने जैसे मुद्दों से वैश्विक तनाव बढ़ा हुआ है।
1979 के बाद सबसे मजबूत बुल रन
पिछले साल सोने ने 1979 के बाद का सबसे शानदार बुल रन दर्ज किया था, जब इसकी कीमतों में 75% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। साल 2026 में भी यह तेजी जारी है और अब तक मंथ-टू-डेट आधार पर सोना करीब 17% चढ़ चुका है, जिससे यह बाजार में डर और अनिश्चितता का प्रमुख संकेतक बन गया है।
सोने को सहारा देने वाले अन्य बड़े फैक्टर
उभरते बाजारों सहित सेंट्रल बैंकों की लगातार खरीदारी गोल्ड ETF में मजबूत निवेश प्रवाह रूस-यूक्रेन युद्ध और इजराइल-ईरान संघर्ष से बनी वैश्विक अनिश्चितता क्या और ऊपर जाएगा सोना? एनालिस्ट्स सोने को लेकर अब भी बुलिश बने हुए हैं। गोल्डमैन सैक्स ने हाल ही में दिसंबर 2026 के लिए अपना गोल्ड प्राइस टारगेट $4,900 से बढ़ाकर $5,400 प्रति औंस कर दिया है। बैंक का कहना है कि प्राइवेट सेक्टर और उभरते बाजारों के सेंट्रल बैंक तेजी से अपने रिज़र्व को सोने में डायवर्सिफाई कर रहे हैं। अनुमान है कि इस साल के अंत तक कीमतें करीब $5,500 प्रति औंस के आसपास पीक कर सकती हैं।

