हरियाणा के यमुनानगर स्थित हथिनी कुंड बैराज में सैन्य अभ्यास के दौरान हुए नाव हादसे के बाद यमुना नदी में लापता हुए दोनों जवानों के शव बरामद कर लिए गए हैं। दोनों जवान 1 पैरा स्पेशल फोर्सेज से जुड़े थे। 1 सितंबर को संयुक्त वॉटरमैनशिप ट्रेनिंग के दौरान सेना की नाव तेज बहाव और बैराज के स्लुइस गेट के पास बने तेज भंवरों में फंसकर पलट गई थी। हादसे में तीन जवान सुरक्षित बाहर निकल आए थे, जबकि दो जवान तेज बहाव में बह गए थे।
ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, गुरुवार को दोनों लापता जवानों के शव बरामद किए गए। इनमें से एक शव उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के मिर्जापुर थाना क्षेत्र के बरथा गांव के पास यमुना से मिलने की जानकारी सामने आई है। शव मिलने के बाद सेना के अधिकारी मौके पर पहुंचे और उसे अपने कब्जे में लिया।
हथिनी कुंड बैराज पर कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा 1 सितंबर 2026 को हथिनी कुंड बैराज में संयुक्त वॉटरमैनशिप ट्रेनिंग के दौरान हुआ था। सेना के 1 पैरा स्पेशल फोर्सेज के जवान अभ्यास कर रहे थे। इसी दौरान पांच जवानों को ले जा रही मोटरबोट बैराज के डाउनस्ट्रीम हिस्से की ओर तेज बहाव में फंस गई।
सेना के पश्चिमी कमान के प्रवक्ता के मुताबिक, नाव तेज धार में फंसने के बाद स्लुइस गेट के आसपास बने तेज भंवरों में फंस गई और पलट गई। नाव में सवार सभी जवान पानी में बह गए। इनमें से तीन जवान तैरकर सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे, जबकि दो जवानों का पता नहीं चल सका।
कई एजेंसियों ने चलाया सर्च ऑपरेशन
दो जवानों के लापता होने के बाद सेना ने बड़े स्तर पर खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया। इसमें भारतीय सेना, भारतीय वायुसेना, एनडीआरएफ, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस तथा जिला प्रशासन की टीमें शामिल थीं।
जवानों की तलाश सिर्फ हथिनी कुंड बैराज तक सीमित नहीं रही। यमुना के डाउनस्ट्रीम हिस्सों और उससे जुड़ी नहरों में भी सर्च ऑपरेशन चलाया गया। हवाई निगरानी के लिए हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल किया गया। तलाश को आसान बनाने के लिए हरियाणा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने सेना के अनुरोध पर बैराज और पश्चिमी यमुना नहर में पानी का बहाव भी कम किया था।
सहारनपुर में मिला एक जवान का शव
बुधवार देर रात/गुरुवार को सहारनपुर जिले के बरथा गांव के पास यमुना से एक जवान का शव बरामद होने की सूचना सामने आई। इसके बाद सेना के अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को आगे की प्रक्रिया के लिए अपने साथ ले गए। शुरुआती रिपोर्टों में शव की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई थी।
बाद की रिपोर्टों में दोनों लापता जवानों के शव बरामद होने की पुष्टि की गई है। सेना की ओर से जवानों की पहचान और दोनों शवों की बरामदगी के सटीक स्थान से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
ट्रेनिंग के दौरान हुआ था हादसा
सेना की ओर से उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जवान संयुक्त वॉटरमैनशिप ट्रेनिंग का हिस्सा थे। इस तरह के अभ्यास का उद्देश्य जवानों को नदियों और अन्य जल निकायों को पार करने तथा पानी से जुड़े अभियानों के लिए प्रशिक्षित करना होता है। हादसे के पीछे नाव का तकनीकी खराबी के बाद तेज धार में फंसना और स्लुइस गेट के पास बने तेज भंवरों में पहुंचना बताया गया है।
दोनों जवानों के शव मिलने के साथ ही करीब दो दिन से चल रहा व्यापक सर्च ऑपरेशन समाप्त हो गया है। हादसे ने कठिन जल परिस्थितियों में सैन्य प्रशिक्षण के दौरान आने वाली चुनौतियों को भी सामने ला दिया है।

