ठंड बढ़ने से एसएन मेडिकल कॉलेज में हृदय रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। नसों पर दबाव पड़ने से हार्टअटैक के मरीजों की संख्या ढाई गुना तक हो गई है। इसके चलते ऑपरेशन कराने वाले मरीजों को महीनेभर तक का इंतजार करना पड़ रहा है।
हृदय रोग विभाग के डॉ. सौरव नागर ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 120 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इनमें से 60 फीसदी पुराने और 40 फीसदी नए मरीज हैं। पारा कम होने से इमरजेंसी में भी हार्टअटैक के मरीज बढ़ रहे हैं। रोजाना 15-20 मरीज भर्ती हो रहे हैं। इनमें 30 फीसदी की उम्र 35 साल से कम है।
बीते सप्ताह 25 साल के युवा को हार्टअटैक आया था। कैथ लैब में एक साल के भीतर 1009 मरीजों के हृदय के ऑपरेशन हो चुके हैं। इसमें करीब 25 से 30 मरीजों की उम्र 35 साल से कम है। इनकी एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और पेसमेकर लगाए हैं। आयुष्मान कार्ड योजना और असाध्य रोग योजना के लाभार्थियों के ऑपरेशन निशुल्क हुए हैं। अभी 150 से अधिक मरीजों का पंजीकरण है, इनको ऑपरेशन की आगे की तिथि दी गई है। आपात स्थिति के मरीजों के तत्काल ऑपरेशन किए जा रहे हैं।
धूम्रपान, अल्कोहल और ठंड से खतरा बढ़ा
हृदय रोग विभागाध्यक्ष डॉ. बसंत गुप्ता ने बताया कि युवाओं में हार्टअटैक का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह धूम्रपान, अल्कोहल और खराब दिनचर्या है। लंबे समय तक ऐसी स्थिति के कारण हृदय की नसें संकुचित होने लगती हैं और रक्त संचार प्रभावित होने लगता है। इससे हार्टअटैक का खतरा तीन गुना बढ़ जाता है।
इन बातों का रखें ध्यान:
– शराब और धूम्रपान से बचें, 8 घंटे की नींद लें।
– फास्टफूड, तला हुआ और बाजार के खाने से बचें।
– हृदय रोगी दवाएं बंद न करें, दवाएं एडजस्ट कराएं।
– सीने का दर्द कंधों तक जाए तो तत्काल डॉक्टर को दिखाएं।
– नियमित व्यायाम करें, वजन को नियंत्रित रखें।

