बलवंत एजुकेशनल सोसाइटी में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के विरोध में बिचपुरी में चल रहा धरना मंगलवार को 33वें दिन समाप्त हो गया। किसान-मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह और ब्लॉक प्रधान संगठन के अध्यक्ष हाकिम सिंह सोलंकी के नेतृत्व में क्षेत्रीय लोग 12 सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे।
चौधरी दिलीप सिंह ने बताया कि आरबीएस इंजीनियरिंग टेक्निकल कैंपस में कार्यरत लैब सहायक डॉ. वेदप्रकाश सोलंकी और देवेंद्र सिंह को करीब आठ माह पूर्व बर्खास्त कर दिया गया था। वहीं, लाइब्रेरी में तैनात कर्मचारी पुरुषोत्तम की वर्ष 2023 में मृत्यु हो गई थी। उन्होंने बताया कि सोमवार शाम एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह ने अपने कार्यालय में धरनारत लोगों और आरबीएस कॉलेज के प्राचार्य प्रो. विजय श्रीवास्तव सहित अन्य संस्थानों के निदेशकों के साथ बैठक कराई।
बैठक में यह तय हुआ कि बर्खास्त कर्मचारी डॉ. वेदप्रकाश सोलंकी और देवेंद्र सिंह की सवेतन बहाली की जाएगी, जबकि मृतक कर्मचारी पुरुषोत्तम की पत्नी राजरानी को नौकरी दी जाएगी। धरनारत लोगों ने इसके साथ ही छह अन्य बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली और एक अन्य मृतक आश्रित को नौकरी देने की मांग भी उठाई। चौधरी दिलीप सिंह के अनुसार प्राचार्य प्रो. विजय श्रीवास्तव ने 15 दिन के भीतर छह बर्खास्त कर्मचारियों और एक मृतक आश्रित को नौकरी देने का आश्वासन दिया।
मंगलवार शाम साढ़े पांच बजे एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह और इंस्पेक्टर जगदीशपुरा प्रदीप कुमार फोर्स के साथ धरना स्थल पहुंचे और प्राचार्य द्वारा जारी पत्र सौंपा। पत्र में दो बर्खास्त कर्मचारियों की सवेतन बहाली और मृतक पुरुषोत्तम की पत्नी को नौकरी देने का उल्लेख था, लेकिन छह अन्य बर्खास्त कर्मचारियों और एक मृतक आश्रित के संबंध में कोई उल्लेख नहीं था। साथ ही पत्र पर केवल प्राचार्य के हस्ताक्षर थे, कमेटी के अन्य सदस्यों के नहीं।
इस पर एसीपी गौरव सिंह ने कमेटी के अन्य सदस्यों के हस्ताक्षर कराए जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद धरनारत लोगों ने एसीपी गौरव सिंह और इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार को फूल मालाएं पहनाकर धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी। वहीं, ब्लॉक प्रधान संगठन के अध्यक्ष हाकिम सिंह सोलंकी ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिन के भीतर छह बर्खास्त कर्मचारियों और एक मृतक आश्रित को नौकरी नहीं दी गई, तो दोबारा धरना शुरू किया जाएगा। इस दौरान बाबा बालयोगी लव पंडित, भरत सिंह सोलंकी, अजीत चाहर बरारा, कृष्णवीर सोलंकी, इंद्रेश प्रताप सिंह, प्रदीप राना, मनु प्रधान, मुनेंद्र परमार, बाबूलाल वाल्मीकि, सत्यपाल जुरैल, राकेश राजपूत, दीक्षा शर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे।

