कानपुर: गैंगस्टर एक्ट में जमानत के बाद अधिवक्ता दीनू उपाध्याय 16 महीने बाद जेल से रिहा

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कानपुर: गैंगस्टर एक्ट में जमानत के बाद अधिवक्ता दीनू उपाध्याय 16 महीने बाद जेल से रिहा

पिंटू सेंगर हत्याकांड में नाम आने के बाद जेल भेजे गए कानपुर के अधिवक्ता धीरज उपाध्याय उर्फ दीनू को गैंगस्टर एक्ट के मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार को सोनभद्र जेल से रिहा कर दिया गया। दीनू पिछले 16 महीनों से जेल में बंद था।

नवाबगंज निवासी दीनू को सुरक्षा कारणों से बीते साल कानपुर जेल से सोनभद्र जेल स्थानांतरित कर दिया गया था। उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में विभिन्न अपराधों से जुड़े कुल 23 मुकदमे दर्ज हैं।

ऑपरेशन महाकाल में हुई थी गिरफ्तारी

दीनू का नाम बीते साल चले ऑपरेशन महाकाल के दौरान गिरफ्तार किए गए अधिवक्ताओं में शामिल था। बसपा नेता पिंटू सेंगर हत्याकांड में नाम सामने आने पर पुलिस ने 9 मई 2025 को उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद उसके खिलाफ रंगदारी से जुड़े एक के बाद एक कई मामले दर्ज हुए। इन्हीं मामलों के आधार पर नवाबगंज थाने में उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया था।

कई मामलों में मिल चुकी है जमानत, कुछ में बरी भी

बीते कुछ महीनों में दीनू को एक-एक कर उसके खिलाफ दर्ज ज्यादातर मामलों में जमानत मिल गई थी, जबकि कुछ मुकदमों में अदालत उसे बरी भी कर चुकी है। हालांकि गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में जमानत न मिल पाने के कारण वह जेल से रिहा नहीं हो पा रहा था। हाल ही में हाईकोर्ट से इस मामले में भी उसे जमानत मिल गई, जिसके बाद जरूरी जमानती दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी होने पर शनिवार को उसे सोनभद्र जेल से रिहा कर दिया गया।

गौरतलब है कि दीनू के खिलाफ मुकदमों की सुनवाई अलग-अलग अदालतों में अभी भी जारी है, और गैंगस्टर एक्ट सहित अन्य मामलों में उसे जमानत मिलना अंतिम फैसला नहीं है, बल्कि मुकदमे अभी विचाराधीन बने हुए हैं।

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