सागर जहरीली शराब कांड: 30 हजार का इनामी शिवांजय राजपूत मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार

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सागर जहरीली शराब कांड: 30 हजार का इनामी शिवांजय राजपूत मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के सागर जिले में चर्चित जहरीली शराब कांड के फरार आरोपी शिवांजय राजपूत को पुलिस ने रविवार तड़के एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस पर पुलिस ने पहले ही 30 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

पुलिस के अनुसार, बहरोल थाना क्षेत्र में जंगल की घेराबंदी के दौरान पुलिस टीम को देखते ही आरोपी ने उन पर तीन राउंड फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस की आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे मौके पर ही दबोच लिया गया। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है।

गौरतलब है कि यह घटना सागर जिले के बंडा थाना क्षेत्र से जुड़े मामले से संबंधित है, जिसे मध्य प्रदेश में स्थानीय स्तर पर “बांदा” भी कहा जाता है — यह उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से अलग है।

कैसे मिला सुराग

पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी मडैया के पास के जंगली इलाके से निकलकर बंडा थाना क्षेत्र के छपरी गांव स्थित अपने घर की ओर जा सकता है। यह जानकारी तुरंत सागर पुलिस कंट्रोल रूम और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साझा की गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बांदरी थाना प्रभारी सतेंद्र सिंह मौके के लिए रवाना हुए, जबकि बहरोल थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह और आसपास के थानों की पुलिस टीमें भी अभियान में शामिल हुईं। संदिग्ध इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया गया, जिसके दौरान आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी।

आरोपी से क्या हुआ बरामद

पुलिस ने आरोपी के पास से एक .315 बोर की देसी पिस्तौल, तीन जिंदा कारतूस, तीन इस्तेमाल किए गए कारतूस के खोल, एक मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। बरामद हथियार और अन्य सामान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

कौन है शिवांजय राजपूत

पुलिस के अनुसार, शिवांजय राजपूत शराब तस्करी के धंधे से जुड़ा एक जाना-पहचाना नाम है और उसके खिलाफ पहले से तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, वह जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपी चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू का रिश्तेदार बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

हाल ही में हुई थी जहरीली शराब त्रासदी

सागर के बंडा क्षेत्र में हाल में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि अलग-अलग रिपोर्टों में मृतकों की संख्या को लेकर भिन्नता है — कुछ रिपोर्टों में यह संख्या 11 से 15 के बीच बताई गई है, जबकि कुछ अन्य रिपोर्टों में यह आंकड़ा 30 से अधिक भी बताया गया है। आधिकारिक और अंतिम आंकड़े की पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। इस घटना के बाद डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने सागर मेडिकल कॉलेज पहुंचकर पीड़ितों और उनके परिजनों से मुलाकात की थी।

न्यायिक जांच आयोग गठित

जहरीली शराब कांड की जांच के लिए सरकार ने एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग गठित किया है, जिसकी अध्यक्षता रिटायर्ड जस्टिस विष्णु प्रताप सिंह चौहान करेंगे। आयोग को तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। जांच के तीन मुख्य बिंदु तय किए गए हैं— मौतों का कारण, आबकारी व पुलिस अधिकारियों की भूमिका, और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के उपाय। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के आदेश के अनुसार, आयोग का मुख्यालय सागर में रहेगा।

पुलिस ने दोहराया है कि अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, परिवहन या भंडारण में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।

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