कानपुर RTO में अवैध वसूली पर बड़ा एक्शन, 2 ARTO निलंबित; ₹43,485 नकद बरामद, 15 पर FIR

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कानपुर RTO में अवैध वसूली पर बड़ा एक्शन, 2 ARTO निलंबित; ₹43,485 नकद बरामद, 15 पर FIR

कानपुर: कानपुर नगर के संभागीय परिवहन कार्यालय (RTO) में वाहन पंजीकरण और ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े कामों के नाम पर कथित अवैध वसूली और अनियमितताओं के मामले में शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के निर्देश पर दो सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों (ARTO) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, RTO प्रशासन से 15 दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। मामले में दो लिपिकों समेत कुल 15 लोगों के खिलाफ FIR भी दर्ज कराई गई है।

औचक निरीक्षण में 11 संदिग्ध मिले, ₹43,485 नकद बरामद

मामले की शिकायतों के बाद जिलाधिकारी कानपुर के निर्देश पर अपर पुलिस उपायुक्त और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम के नेतृत्व में टीम ने संभागीय एवं सहायक परिवहन कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यालय में मौजूद करीब 50 लोगों से पूछताछ की गई।

जांच टीम ने 11 लोगों को संदिग्ध के तौर पर चिन्हित किया। आरोप है कि ये लोग वाहन पंजीकरण और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नाम पर आवेदकों से पैसे वसूल रहे थे। इन संदिग्धों के पास से कुल ₹43,485 नकद बरामद किए गए।

जांच के दौरान परिवहन कार्यालय के दो लिपिक मधुर मिश्रा और विपिन कुमार की भूमिका भी सामने आई। इसके बाद दोनों लिपिकों समेत कुल 15 लोगों के खिलाफ काकादेव थाने में FIR दर्ज कराई गई। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक दोनों लिपिकों के खिलाफ विभागीय स्तर पर सतर्कता जांच भी शुरू की गई है।

₹26,750 लेने और ₹21,750 की रसीद देने का आरोप

निरीक्षण के दौरान एक ट्रक चालक ने टीम को बताया कि RTO कार्यालय के एक कर्मचारी ने उससे ₹26,750 लिए, लेकिन उसे सिर्फ ₹21,750 की जमा पर्ची दी गई। यानी कथित तौर पर ₹5,000 की राशि का अंतर सामने आया।

जांच टीम ने कार्यालय में उपलब्ध नकदी और रिकॉर्ड का मिलान किया तो इस तरह की अनियमितता के संकेत मिले। संबंधित निरीक्षण रिपोर्ट जिलाधिकारी की ओर से परिवहन आयुक्त कार्यालय को भेजी गई।

दो ARTO निलंबित, RTO को नोटिस

शासन ने प्रथम दृष्टया कार्यालय की निगरानी में लापरवाही, अधीनस्थ कर्मचारियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रखने और अनियमितताओं के मामले में जिम्मेदारी तय करते हुए ARTO प्रवर्तन तृतीय दल सोमलता यादव और ARTO प्रशासन आलोक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

वहीं, RTO प्रशासन राकेन्द्र सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और उनसे 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

निलंबित ARTO मुख्यालय से संबद्ध

निलंबन अवधि के दौरान सोमलता यादव और आलोक कुमार को परिवहन विभाग के मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

मामले की विभागीय जांच के लिए उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र), वाराणसी को जांच अधिकारी नामित किया गया है।

परिवहन मंत्री ने कहा- भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि परिवहन कार्यालयों में अनधिकृत लोगों की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए शासन और मुख्यालय स्तर से लगातार निर्देश दिए जाते रहे हैं। कानपुर कार्यालय में अनधिकृत लोगों द्वारा काम किए जाने और अधिकारियों की निगरानी में कमी को उन्होंने गंभीर मामला बताया।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और लोगों के साथ धोखाधड़ी को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहने की बात कही गई है।

आगे क्या होगा?

अब विभागीय जांच में यह तय किया जाएगा कि कार्यालय में कथित अवैध वसूली और अनियमितताओं की जिम्मेदारी किन अधिकारियों और कर्मचारियों की थी। साथ ही FIR में नामजद लोगों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई भी आगे बढ़ेगी। फिलहाल दो ARTO निलंबित हैं, जबकि RTO प्रशासन को अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।


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