कौशांबी: उत्तर प्रदेश के कौशांबी में 31 अगस्त को हुए पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। गुरुवार तड़के पुलिस ने फरार चल रहे आरोपी मोहम्मद आदिल को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, कमालपुर-बरेठी नहर पुलिया के पास घेराबंदी के दौरान आदिल ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में गोली लगी। घायल आरोपी को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कमालपुर-बरेठी नहर पुलिया के पास हुई मुठभेड़
पुलिस के अनुसार, पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसपी सत्यनारायण प्रजापत के निर्देश पर चार टीमें गठित की गई थीं। पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी।
इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आदिल बाइक से कमालपुर-बरेठी नहर पुलिया की ओर से गुजरने वाला है। पुलिस टीम ने वहां घेराबंदी की। पुलिस का दावा है कि खुद को घिरता देख आदिल ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आदिल के दोनों पैरों में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक, आदिल के साथ बाइक पर मौजूद एक अन्य युवक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। उसकी तलाश की जा रही है।
₹25 हजार का इनाम था घोषित
आदिल को पुलिस ने इस मामले में वांछित आरोपी घोषित किया था और उसकी गिरफ्तारी के लिए ₹25,000 का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस के मुताबिक, मामले में कुल छह नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार अभियान चला रही थीं।
पुलिस ने मुठभेड़ के बाद आदिल के कब्जे से एक देशी तमंचा, जिंदा कारतूस और खोखे बरामद करने का भी दावा किया है। उसके खिलाफ हथियार से संबंधित अलग मामला दर्ज किया गया है।
आदिल के पिता नौशाद की पहले हो चुकी है गिरफ्तारी
पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में पुलिस इससे पहले मुख्य आरोपी और फैक्ट्री संचालक नौशाद को भी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर चुकी है। नौशाद को 1 सितंबर को पुलिस ने पकड़ा था। इसके अलावा शबाना और सैना को भी गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
पुलिस अब आदिल से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पटाखा बनाने और विस्फोटक सामग्री के भंडारण के पूरे नेटवर्क में उसकी और अन्य आरोपियों की क्या भूमिका थी।
विस्फोट में अब तक 14 लोगों की मौत
31 अगस्त को कौशांबी के मनौरी इलाके में अवैध रूप से संचालित पटाखा इकाई में हुए भीषण विस्फोट में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे में आसपास के मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा था। पुलिस और प्रशासन ने मामले में अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण से जुड़े पहलुओं की जांच तेज कर दी है।
जांच के दौरान आरोपियों से जुड़ी संपत्तियों और कथित अवैध पटाखा कारोबार पर भी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। मुख्य आरोपी नौशाद की संपत्ति के खिलाफ भी कार्रवाई की जा चुकी है।
पुलिस खंगाल रही पूरे नेटवर्क की कड़ियां
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध पटाखा निर्माण और विस्फोटक सामग्री के भंडारण में और कौन-कौन लोग शामिल थे। साथ ही फरार आरोपियों की तलाश भी जारी है।
फिलहाल आदिल का अस्पताल में इलाज चल रहा है। उसके स्वस्थ होने के बाद पुलिस पूछताछ में ब्लास्ट से जुड़े नेटवर्क और अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

