लाल किला ब्लास्ट की चार्जशीट में खुलासा: उमर उन नबी था सुसाइड बॉम्बर, खुद कार में बैठकर किया था धमाका

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लाल किला ब्लास्ट की चार्जशीट में खुलासा: उमर उन नबी था सुसाइड बॉम्बर, खुद कार में बैठकर किया था धमाका

दिल्ली के लाल किला इलाके में बीते साल 10 नवंबर 2025 को हुए बम धमाके की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने चार्जशीट दाखिल कर दी है, जिसमें कई अहम खुलासे सामने आए हैं। चार्जशीट के अनुसार, इस हमले का मुख्य साजिशकर्ता डॉ. उमर उन नबी था और धमाके के वक्त वह खुद उसी कार में मौजूद था जिसे बम में तब्दील किया गया था। जांच एजेंसी का दावा है कि उमर उन नबी की धमाके में ही मौत हो गई थी, इसलिए उसके खिलाफ दर्ज UAPA, आर्म्स एक्ट और एक्सप्लोसिव सब्सटांसेज एक्ट के आरोपों की कानूनी कार्यवाही उसकी मृत्यु के कारण समाप्त (abated) कर दी गई है।

कार को बनाया गया बम

NIA के मुताबिक, धमाके में इस्तेमाल हुई हुंडई i20 कार दरअसल एक व्हीकल-बॉर्न इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (VBIED) थी, यानी कार को ही विस्फोटक से लैस बम के तौर पर तैयार किया गया था। फॉरेंसिक जांच में कार के मलबे और घटनास्थल से मिली सामग्री में TATP (ट्राई-एसीटोन ट्राई-पेरोक्साइड), अमोनियम नाइट्रेट और पोटैशियम नाइट्रेट जैसे विस्फोटकों के निशान पाए गए। जांच एजेंसी के अनुसार, कुल 73 नमूने जब्त किए गए थे, जिनमें से 64 की जांच सीएफएसएल चंडीगढ़ में और शेष 9 की जांच एनएफएसयू गांधीनगर में कराई गई। दोनों प्रयोगशालाओं की रिपोर्टों में TATP की मौजूदगी की पुष्टि हुई है।

DNA जांच से हुई पहचान

घटनास्थल से मिले जैविक नमूनों की डीएनए फिंगरप्रिंटिंग में एजेंसी ने दावा किया कि ये अवशेष डॉ. उमर उन नबी के ही थे, जिससे यह स्थापित होता है कि धमाके के समय वह कार के भीतर मौजूद था। चार्जशीट में लाल रंग के टेप से जुड़े एक कमांड मैकेनिज्म की बरामदगी का भी जिक्र है, जिसे जांच एजेंसी IED को सक्रिय करने के लिए इस्तेमाल किया गया उपकरण बता रही है।

13 आरोपी नामजद

NIA ने इस मामले में कुल 13 लोगों को आरोपी बनाया है। इससे पहले मई 2026 में एजेंसी ने 10 आरोपियों के खिलाफ करीब 7,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें आमिर राशिद मीर, जासिर बिलाल वानी, डॉ. मुजम्मिल शकील, डॉ. आदिल अहमद राथर, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद वागे, सोयाब, डॉ. बिलाल नसीर मल्ला और यासिर अहमद डार जैसे नाम शामिल थे। एजेंसी के अनुसार सभी आरोपी अंसार गजवत-उल-हिंद (AGuH) नामक मॉड्यूल से जुड़े थे, जिसे गृह मंत्रालय पहले ही अल-कायदा से संबद्ध संगठन AQIS की शाखा के तौर पर आतंकी संगठन घोषित कर चुका है।

चार्जशीट में यह भी दर्ज है कि आरोपी डॉ. शाहीन सईद के पेन ड्राइव से बरामद 87 तस्वीरों में आरोपी डॉ. मुज्जमिल शकील और शाहीन सईद हथियारों के साथ नजर आए। एजेंसी के अनुसार, आरोपी जासिर बिलाल वानी ने रॉकेट और विस्फोटक बनाने की जानकारी के लिए यूट्यूब और चैटजीपीटी का इस्तेमाल किया और एक रॉकेट तैयार भी किया, हालांकि उसकी टेस्टिंग बाद में टाल दी गई। चार्जशीट में यह दावा भी किया गया है कि जासिर को दो ड्रोन उमर उन नबी ने ही मुहैया कराए थे।

नौगाम थाना धमाका: जांच सामग्री के दौरान हादसा

चार्जशीट में जम्मू-कश्मीर के नौगाम पुलिस थाने में हुए धमाके (केस संख्या 162/2025) का भी उल्लेख है। जांच के दौरान आरोपी मुजम्मिल के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के पास किराए के ठिकाने से विस्फोटक सामग्री, केमिकल, लैब उपकरण, टाइमर और बैटरियां बरामद हुई थीं। जांच के लिए इस सामग्री को नौगाम थाना परिसर में लाया गया था, जहां 14 नवंबर 2025 की रात करीब 11:20 बजे विस्फोट हो गया। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसे “आकस्मिक विस्फोट” (accidental explosion) बताया था। इस हादसे में 9 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 27 पुलिसकर्मियों समेत कुल 29 लोग घायल हुए थे। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास की इमारतों को भी नुकसान पहुंचा।

जांच अब भी जारी

NIA का कहना है कि विस्फोटक की बनावट लाल किला ब्लास्ट में इस्तेमाल हुई सामग्री से मेल खाती है, जिससे दोनों घटनाओं के बीच संभावित कड़ी बनती है। एजेंसी की जांच फिलहाल विस्फोटक की सोर्सिंग, उसे तैयार करने और अंततः इस्तेमाल किए जाने की पूरी चेन स्थापित करने पर केंद्रित है। मामला अभी अदालत में विचाराधीन है और आरोपियों पर लगे आरोप न्यायालय में साबित होने शेष हैं।

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