नई दिल्ली: देश की युवा पीढ़ी, खासकर Gen-Z के साथ सीधे संवाद बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार एक बड़े अभियान की तैयारी कर रही है। PTI के सूत्रों के मुताबिक, मोदी सरकार जल्द ही ‘एक दिन, एक यूनिवर्सिटी’ अभियान शुरू कर सकती है। इसके तहत हर दिन एक केंद्रीय मंत्री किसी विश्वविद्यालय का दौरा कर छात्रों से बातचीत करेंगे और उनकी चिंताओं, समस्याओं और देश से जुड़े मुद्दों पर उनके विचार जानेंगे।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य केवल छात्रों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना नहीं, बल्कि युवाओं के नजरिए और उनकी अपेक्षाओं को सीधे समझना भी बताया जा रहा है।
क्या है ‘एक दिन, एक यूनिवर्सिटी’ योजना?
सूत्रों के अनुसार, इस अभियान के तहत केंद्रीय मंत्रियों को अलग-अलग विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी दी जा सकती है। मंत्री अपने दौरे के दौरान छात्रों के साथ संवाद करेंगे और विभिन्न मुद्दों पर उनसे चर्चा करेंगे।
इन संवाद कार्यक्रमों में युवाओं की शिक्षा, रोजगार, तकनीक, कौशल विकास और अन्य समकालीन मुद्दों से जुड़ी चिंताओं पर बातचीत होने की संभावना है। साथ ही केंद्र सरकार की ओर से युवाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी भी छात्रों तक पहुंचाई जाएगी।
दो केंद्रीय मंत्रियों को मिली अहम जिम्मेदारी
सूत्रों के मुताबिक, विश्वविद्यालयों और केंद्रीय मंत्रियों के बीच समन्वय स्थापित करने तथा इस अभियान को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने की जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया को दी गई है।
बताया गया है कि बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में भी इस पहल पर चर्चा हुई।
छात्र आंदोलनों के बीच सरकार की बड़ी पहल
सरकार की यह योजना ऐसे समय सामने आई है, जब देश के अलग-अलग हिस्सों में छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध-प्रदर्शन भी देखने को मिले हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर समेत कई स्थानों पर छात्र अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आवाज उठा चुके हैं।
ऐसे में केंद्रीय मंत्रियों का सीधे विश्वविद्यालयों में जाकर छात्रों से संवाद करना सरकार और युवा वर्ग के बीच संवाद का नया माध्यम बन सकता है।
युवाओं के लिए PM मोदी ने किए थे बड़े ऐलान
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी युवाओं और उनके कौशल विकास को लेकर कई घोषणाएं की थीं। इनमें युवाओं को AI और नई तकनीकों से जोड़ने तथा बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया था।
सरकार की नई विश्वविद्यालय संपर्क पहल को भी इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें युवाओं को भविष्य की तकनीकों, रोजगार और सरकारी अवसरों से जोड़ने पर फोकस है।
देश में 1,300 के करीब विश्वविद्यालय
UGC के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, भारत में विश्वविद्यालयों की संख्या करीब 1,300 है। इनमें 57 केंद्रीय विश्वविद्यालय और 522 राज्य विश्वविद्यालय शामिल हैं। इनके अलावा देश में डीम्ड और निजी विश्वविद्यालय भी बड़ी संख्या में हैं।
अगर ‘एक दिन, एक यूनिवर्सिटी’ अभियान व्यापक स्तर पर लागू होता है, तो आने वाले समय में बड़ी संख्या में विश्वविद्यालयों तक केंद्रीय मंत्रियों की सीधी पहुंच बन सकती है। इससे सरकार को युवाओं के बीच अपनी योजनाएं पहुंचाने के साथ-साथ उनकी प्राथमिकताओं और बदलती अपेक्षाओं को समझने का भी मौका मिलेगा।

