नई दिल्ली। अपने आधिकारिक मुख्यमंत्री आवास की मात्र साज सज्जा पर करोड़ों रुपया फूंकने वाले दिल्ली के ‘मालिक’ अरविंद केजरीवाल चुनाव हार गए हैं। उनकी पार्टी (आम आदमी पार्टी) भी सत्ता से बाहर हो गई है।
केजरीवाल अब विधायक भी नहीं हैं। वह सिर्फ पूर्व मुख्यमंत्री रह गए हैं। अब उन्हें न तो सैलरी मिलेगी और न ही सरकारी बंगला। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते वह अपने लिए सरकारी आवास की मांग कर सकते हैं, लेकिन बंगला शायद ही उन्हें मिले। उन्हें अब सिर्फ पेंशन और कुछ सुविधाएं ही मिलेंगी।
कितनी मिलती है दिल्ली के सीएम को सैलरी?
दिल्ली के मुख्यमंत्री को 60 हजार रुपये का मासिक सैलरी और कुछ भत्ते मिलते हैं। इस तरह दिल्ली के सीएम को हर महीने कुल 1.25 लाख रुपये की सैलरी मिलती है। इसके अलावा दूसरी सुविधाएं भी होती हैं। लेकिन दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री को सैलरी देने का कोई प्रावधान नहीं है। हां, उन्हें पेंशन जरूर मिलती है।
कितनी मिलती है पूर्व विधायक को पेंशन?
मुख्यमंत्री, विधायक, पूर्व विधायक आदि की सैलरी में दो साल पहले बदलाव किए गए थे। ये बदलाव 14 फरवरी 2023 से लागू हुए हैं। दिल्ली विधानसभा की वेबसाइट delhiassembly.delhi.gov.in पर दिल्ली के मंत्री, स्पीकर, विधायकों आदि को मिलने वाली सैलरी, भत्ते, पेंशन और दूसरी सुविधाओं के बारे में जानकारी दी गई है। इसके मुताबिक दिल्ली के पूर्व विधायक को हर महीने 15 हजार रुपये की पेंशन दी जाती है।
कितनी होगी केजरीवाल की पेंशन?
अगर कोई विधायक एक बार से ज्यादा जीतता है तो उसकी पेंशन 1000 रुपये महीने बढ़ा दी जाती है। केजरीवाल को भी इसी नियमानुसार पेंशन मिलेगी। चूंकि वह इस बार चुनाव हार चुके हैं, ऐसे में उनकी पेंशन में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। केजरीवाल को एक पूर्व विधायक के अनुसार ही पेंशन मिलेगी। यह पेंशन 15 हजार रुपये महीने होगी।
और क्या-क्या मिलेंगी सुविधाएं?
केजरीवाल को जो भी सुविधाएं दी जाएंगी, वे एक पूर्व विधायक के तौर पर मिलेंगी। उन्हें और उनके परिवार को फ्री मेडिकल सुविधा भी मिलेगी। वह सरकार अस्पतालों के साथ कुछ प्राइवेट अस्पतालों में भी फ्री इलाज करवा सकेंगे।
इसके अतिरिक्त उन्हें ट्रैवल अलाउंस भी मिलेगा। हालांकि ट्रैवल अलाउंस सिर्फ आधिकारिक यात्राओं के लिए होता है। इसके अलावा उन्हें टेलीफोन खर्च, इंटरनेट अलाउंस आदि भी मिलेगा।
मिलेगी पूरी सुरक्षा
दिल्ली के पूर्व सीएम की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जाता है। पूर्व सीएम को हाई लेवल सिक्योरिटी और एक सरकारी वाहन दिया जाता है ताकि उन्हें राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेने में कोई परेशान न हो। केजरीवाल को भी यह सुविधा मिलेगी। साथ ही उन्हें एक ड्राइवर भी मिलेगा।