नई दिल्ली। अमेरिका में अवैध तरीके से दाखिल हुए 104 भारतीयों की वतन वापसी हो गई है। बुधवार को अमेरिकी सेना का विमान इन भारतीयों को लेकर अमृतसर पहुंचा। विपक्षी सांसदों की तरफ से इस मामले को लोकसभा में उठाया गया।
हालांकि, स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि यह विदेश नीति का मामला है। विदेशी देश के भी अपने नियम और कानून होते हैं। आप दोपहर 12 बजे अपने मुद्दे उठा सकते हैं और प्रश्नकाल को सुचारू रूप से चलने दे सकते हैं।”
सपा-कांग्रेस ने स्थगन प्रस्ताव किया पेश
बता दें कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने लोक सभा में कार्य स्थगन का प्रस्ताव दिया है। कांग्रेस सांसद गोगोई ने कहा कि इन व्यक्तियों को निर्वासन प्रक्रिया के दौरान बेड़ियों में जकड़े जाने और उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किए जाने की खबरें सामने आई हैं, जिससे उनकी मानवीय गरिमा और अधिकारों को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा होती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि जबकि तात्कालिक मुद्दा विदेशों में हमारे नागरिकों के साथ व्यवहार से संबंधित है, यह मानवाधिकारों पर भारत के कूटनीतिक रुख के बारे में व्यापक चिंताओं को भी दर्शाता है।
गोगोई ने कहा कि भारत सरकार की लगातार चुप्पी, खास तौर पर प्रधानमंत्री की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया न मिलना घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखा गया है। राज्यसभा में इस मामले पर कांग्रेस, CPM, TMC और आप संसदों ने हंगामा किया।
इन राज्यों के लोगों को अमेरिका से किया गया डिपोर्ट
अमेरिका से लौटने वालों में 33 लोग हरियाणा के हैं, जिनमें सबसे ज्यादा 11 लोग कैथल जिले के बताए जा रहे हैं। हरियाणा के इन लोगों में सात ऐसे हैं, जिनकी उम्र 20 साल से कम हैं। तीन महिलाओं की भी वापसी हुई है। आज 06 फरवरी इस मामले को संसद में भी उठाया गया।