टीम इंडिया के विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में 22 गेंदों पर 57 रनों की धमाकेदार पारी खेलकर आलोचकों को करारा जवाब दिया है। मंगलवार को नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस मैच में भारत ने अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज पर 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सैमसन ने अपनी हालिया आलोचना पर बेबाकी से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इंसान हैं, कोई मशीन या रोबोट नहीं, इसलिए बाहरी आलोचनाओं का उन पर भी असर पड़ता है।
क्या हुआ मैच में
टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने नितीश कुमार रेड्डी के 3 विकेट की मदद से अफगानिस्तान को 20 ओवर में 159/8 के स्कोर पर रोक दिया। अफगानिस्तान के लिए इब्राहिम जादरान ने 37 और रशीद खान ने 28 रन बनाए। जवाब में भारत ने 160 रनों का लक्ष्य महज 14.5 ओवर में तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया। सैमसन ने अभिषेक शर्मा (39) के साथ पहले विकेट के लिए 89 रनों की साझेदारी करते हुए पावरप्ले में ही टीम को मजबूत नींव दी। सैमसन ने अपनी पारी में सात चौके और चार छक्के जड़े और महज 20 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। बाद में ईशान किशन (नाबाद 38) और तिलक वर्मा (नाबाद 15) ने भारत को जीत तक पहुंचाया। भारत ने यह मुकाबला 31 गेंद शेष रहते जीत लिया।
पहले मैच में नाकामी, फिर तीखी आलोचना
गौरतलब है कि सीरीज के पहले टी20 मैच में सैमसन सिर्फ 8 गेंदों में 10 रन बनाकर आउट हो गए थे, जिसके बाद प्लेइंग इलेवन में उनकी जगह को लेकर कई पूर्व क्रिकेटरों ने सवाल खड़े किए थे और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौका देने की मांग उठी थी। दरअसल टी20 वर्ल्ड कप 2026 में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे सैमसन का फॉर्म आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर भी फीका रहा था, जिसके चलते उन्हें जिम्बाब्वे दौरे के स्क्वाड से भी बाहर कर दिया गया था।
सैमसन ने क्या कहा
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में आलोचनाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर सैमसन ने कहा कि वह बाहरी शोर से दूर रहने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा, “मैं वाई-फाई बंद करने की कोशिश करता हूं, लेकिन कभी-कभी वाई-फाई चालू हो जाता है और कमेंट्स दिख जाते हैं। कोई सीनियर खिलाड़ी कुछ कह देता है तो मुझे लगता है कि मैं इतना परिपक्व और अनुभवी हो गया हूं कि जानता हूं कि इसे कैसे संभालना है।” उन्होंने आगे कहा, “पहले थोड़ा बुरा लगता था। मैं कोई मशीन नहीं हूं, हम रोबोट नहीं हैं जो यह कह सकें कि हम पर इसका कोई असर नहीं पड़ता, क्योंकि असर पड़ता है। लेकिन अगर मैं इन बातों पर ध्यान दूंगा तो इसका मेरी बल्लेबाजी पर असर पड़ेगा, फिर शॉट खेलने से पहले मुझे दस बार सोचना पड़ेगा कि कहीं आउट हो गया तो दिक्कत हो जाएगी। इसलिए मैं खुद से बात करता हूं।”
सैमसन ने वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा के साथ अपनी प्रतिस्पर्धा को लेकर भी स्पष्ट रुख रखा। उन्होंने कहा कि बाहर की दुनिया के लिए भले ही यह प्रतिस्पर्धा जैसा दिखे, लेकिन टीम के भीतर सब मिलकर देश के लिए खेलने के लक्ष्य को प्राथमिकता देते हैं और पहले मैच जीतने पर ध्यान होता है, व्यक्तिगत मौकों पर बाद में।
आगे क्या
इस जीत के साथ भारत ने सीरीज पहले ही अपने नाम कर ली है। अब टीम इंडिया की नजर 17 सितंबर को होने वाले तीसरे और आखिरी टी20 मुकाबले में क्लीन स्वीप पर टिकी होगी।

