शामली में बिजली के तार और नलकूपों से केबल चोरी करने वाले एक कथित अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। बाबरी थाना पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर 22 बंडल बिजली के तार, दो ट्यूबवेल केबल, चोरी में इस्तेमाल उपकरण, दो टाटा पिकअप वाहन और तार बेचकर मिले 1,200 रुपये बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरोह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा और दिल्ली में भी वारदात करता था।
पुलिस की पूछताछ में एक अहम कड़ी सामने आई है। गिरफ्तार आरोपियों ने दावा किया कि मेरठ निवासी ऊर्जा निगम का ठेकेदार आबिद उन्हें उन स्थानों की जानकारी देता था, जहां नई विद्युत लाइन बिछाई जानी होती थी। इसके बाद गिरोह के सदस्य रात में वहां पहुंचकर तार चोरी कर लेते थे। पुलिस का कहना है कि इस मामले में अब तक करीब नौ लोगों की भूमिका सामने आई है और अन्य संदिग्धों की तलाश व जांच की जा रही है। इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
चेकिंग के दौरान पकड़े गए तीन आरोपी
एसपी शामली नरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, बुधवार रात पुलिस टीम हाथी करौदा से खानपुर जाने वाले मार्ग पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान दोनों पिकअप वाहनों में सवार आरोपियों को रोका गया। तलाशी लेने पर पुलिस को चोरी का बिजली का सामान और वारदात में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण मिले।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नदीम निवासी नई दिल्ली, साजिद निवासी खाईखेड़ा, थाना ककरौली, मुजफ्फरनगर और अब्दुल आहद निवासी धर्मपुरी, थाना उस्मानपुर, नई दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार तीनों के खिलाफ बाबरी थाने में चोरी और अन्य धाराओं में छह मुकदमे दर्ज हैं।
नई बिजली लाइन की जानकारी मिलने के बाद बनाते थे निशाना
पुलिस पूछताछ के मुताबिक, गिरोह का एक तरीका नई बिछाई जा रही बिजली लाइनों को निशाना बनाना था। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि ठेकेदार आबिद उन्हें ऐसी जगहों की जानकारी देता था, जहां नई विद्युत लाइन डाली जानी थी। इसके बाद गिरोह रात में पहुंचकर पोल से तार काटकर ले जाता था।
पुलिस के अनुसार, ठेकेदार की शामली के अलावा अन्य जिलों के ऊर्जा निगम से जुड़े कर्मचारियों के साथ कथित मिलीभगत की भी जांच की जा रही है। आरोपियों ने पूछताछ में यह भी बताया कि चोरी के माल में आबिद को हिस्सा दिया जाता था। फिलहाल ये सभी बातें पुलिस पूछताछ में सामने आए आरोप हैं, जिनकी जांच जारी है।
नलकूपों से केबल और कटआउट भी चोरी
गिरोह केवल बिजली के तार तक सीमित नहीं था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ट्यूबवेल और नलकूपों से केबल व कटआउट भी चोरी करते थे। चोरी का सामान दोनों टाटा पिकअप वाहनों में भरकर ले जाया जाता था और बाद में कबाड़ियों को बेच दिया जाता था।
पुलिस के अनुसार, दिल्ली के एक कबाड़ी को भी कई बार चोरी का तार बेचे जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त से जुड़े लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
शामली में इन घटनाओं से जुड़ा गिरोह
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में बाबरी क्षेत्र की कई घटनाओं का खुलासा हुआ है। इनमें 17 जुलाई को कंजरहेड़ी, 24 जुलाई को हाथी करौदा, 19 अगस्त को बंतीखेड़ा और 1 सितंबर को हाथी करौदा के जंगल में विद्युत पोल से तार चोरी की घटनाएं शामिल हैं।
इसके अलावा 6 सितंबर को फतेहपुर और बंतीखेड़ा में ट्यूबवेल-नलकूप से सामान चोरी करने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार 5-6 सितंबर की रात कुरमाली और हाथी करौदा के जंगल से भी बिजली तार व अन्य सामान चोरी किया गया था। आरोपियों ने हरियाणा के पानीपत और दिल्ली में भी वारदात करने की बात बताई है। पुलिस अब दूसरे जिलों और राज्यों में उनके आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है।
क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से बरामद सामान में शामिल हैं:
- 22 बंडल बिजली के तार
- दो ट्यूबवेल केबल
- दो टाटा पिकअप वाहन
- तीन कटर
- एक हथौड़ी
- पांच वाइब्रेशन डैम्पर
- दो सस्पेंशन क्लैंप
- दो कटआउट
- चोरी का सामान बेचकर मिले 1,200 रुपये
इससे पहले बाबरी क्षेत्र में निर्माणाधीन 132 केवी शामली-बुढ़ाना द्वितीय पारेषण लाइन से करीब 695 मीटर एल्युमिनियम एसीएसआर जिबरा तार चोरी होने की शिकायत भी सामने आई थी। उस मामले में बिजली विभाग के सुपरवाइजर ने सितंबर की शुरुआत में पुलिस को तहरीर दी थी।
नौ लोगों की भूमिका की जांच
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार तीन आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। कथित ठेकेदार और ऊर्जा निगम से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस दूसरे जिलों और राज्यों में गिरोह की संभावित वारदातों तथा आपराधिक इतिहास का पता लगाने में जुटी है।

