केरल के त्रिशूर जिले में लगातार दो भीषण सड़क हादसों ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। कुन्नमकुलम में शनिवार देर रात एक बेकाबू कार ने सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में पति-पत्नी और उनका तीन साल का बेटा शामिल है। यह हादसा त्रिशूर में आठ इंजीनियरिंग छात्रों की मौत के कुछ ही घंटे बाद हुआ।
कुन्नमकुलम पुलिस के अनुसार, चावक्कड़ के एडक्काझियूर निवासी मुनीर (35), उनकी पत्नी सफ्ना और उनके तीन वर्षीय बेटे यमिल ऐबक शादी समारोह में शामिल होने के बाद मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। गुरुवायूर-कुन्नमकुलम मार्ग पर परिवार ने कुछ देर के लिए सड़क किनारे बाइक रोकी थी। इसी दौरान तेज रफ्तार में आ रही कार ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे में सड़क किनारे लगा बिजली का खंभा भी क्षतिग्रस्त हुआ। तीनों की मौत हो गई। हादसे की परिस्थितियों और कार चालक की भूमिका की पुलिस जांच कर रही है।
इससे पहले NH-66 पर 8 छात्रों की मौत
इससे कुछ घंटे पहले शुक्रवार देर रात त्रिशूर जिले के काईपमंगलम के पनमबिक्कुन्नू में NH-66 पर भीषण हादसा हुआ था। यहां तमिलनाडु के डिंडीगुल स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों से भरी कार सड़क पर खड़े एक मालवाहक लॉरी के पिछले हिस्से से जा टकराई। हादसे में कार सवार आठों लोगों की मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, हादसा रात करीब 11:40 बजे हुआ। कार गुरुवायूर से कोडुंगल्लूर की ओर जा रही थी। जिस हिस्से में हादसा हुआ, वहां हाईवे का निर्माण कार्य चल रहा था और यातायात को डायवर्ट किया गया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि लॉरी डायवर्जन वाले हिस्से में दाईं ओर खड़ी थी। पुलिस और मोटर वाहन विभाग की शुरुआती जांच में कार की तेज रफ्तार और लॉरी के गलत तरीके से खड़े होने को हादसे के संभावित कारणों में शामिल किया गया है।
कार के परखच्चे उड़ गए, रेस्क्यू टीम ने काटकर निकाले शव
टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर लॉरी के पिछले हिस्से में फंस गई। स्थानीय लोगों, पुलिस और दमकल एवं बचावकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। कार में फंसे लोगों को निकालने के लिए हाइड्रोलिक कटर और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल करना पड़ा।
शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक छह छात्रों की मौके पर मौत हुई, जबकि दो अन्य को अस्पताल ले जाने के बाद मृत घोषित किया गया। बाद में सभी आठ मृतकों की पहचान कर ली गई।
मृतकों में डिंडीगुल, मदुरै और सेलम के छात्र
पुलिस और स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, हादसे में जान गंवाने वालों में सूर्या, युवासंजीत, जोशुआ, मुरली कृष्ण और जीवा डिंडीगुल से, संतोष और प्रसन्ना मदुरै से और विश्वा सेलम से थे। वे तमिलनाडु के डिंडीगुल स्थित PSNA College of Engineering and Technology से जुड़े थे।
छात्र केरल की यात्रा पर थे। हादसे के बाद उनके शवों को त्रिशूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। परिजनों को घटना की सूचना दी गई।
लॉरी चालक के खिलाफ मामला दर्ज
NH-66 हादसे की जांच में पुलिस और मोटर वाहन विभाग दोनों जुटे हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि निर्माणाधीन हिस्से में लॉरी ऐसे स्थान पर खड़ी थी, जहां पार्किंग की अनुमति नहीं थी। पर्याप्त रोशनी और रिफ्लेक्टर की कमी से भी डायवर्जन और खड़ी लॉरी को पहचानने में परेशानी होने की बात सामने आई है।
पुलिस ने लॉरी चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत मामला दर्ज किया है। दुर्घटना के वास्तविक कारण और जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच जारी है।
24 घंटे में 11 मौतों से सड़क सुरक्षा पर सवाल
त्रिशूर जिले में कुछ ही घंटों के अंतराल में हुए इन दो हादसों में कुल 11 लोगों की जान चली गई। एक हादसे में आठ युवा छात्र मारे गए, जबकि दूसरे हादसे में एक परिवार के तीन सदस्य, जिसमें तीन साल का बच्चा भी शामिल था, मौत का शिकार हो गए।
दोनों घटनाओं में रात के समय सड़क सुरक्षा, तेज रफ्तार, सड़क निर्माण के दौरान प्रभावी डायवर्जन व्यवस्था और वाहनों की सुरक्षित पार्किंग जैसे सवाल सामने आए हैं। हालांकि, दोनों हादसों की अंतिम जिम्मेदारी जांच पूरी होने के बाद ही तय होगी।
