आगरा की एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर वीडियो लाइक और क्रिप्टोकरेंसी निवेश के नाम पर 6.22 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया। मामले में प्राथमिकी दर्ज होने और 69 हजार रुपये वापस मिलने के बावजूद दो साल बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
शाहगंज में भगवान कॉलोनी निवासी अनिल तिवारी ने बताया कि बेटे सौरभ की पत्नी राशि सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। 9 मई, 2024 को राशि को टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ा गया था। उन्हें वीडियो लाइक और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का लालच देकर रकम ली गई। 18 मई को शिकायत की।
फिर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर 27 अगस्त, 2024 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस केवल 69,000 रुपये ही वापस दिला सकी है, जबकि आरोपी अब तक पकड़े नहीं गए हैं। डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी की जाएगी। आरोपियों की पहचान कर आरोपपत्र दाखिल कराया जाएगा।

