तमिलनाडु की राजनीति में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को 2029 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के संभावित चेहरे के तौर पर पेश किए जाने को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। TVK के भीतर चल रही ‘विजय फॉर PM’ मुहिम पर अब विपक्षी DMK ने तीखा तंज कसा है। DMK प्रवक्ता TKS इलंगोवन ने कहा कि जब विजय की पार्टी तमिलनाडु विधानसभा में ही पूर्ण बहुमत हासिल नहीं कर सकी, तो प्रधानमंत्री बनने का दावा करना महज एक राजनीतिक इच्छा है।
‘विधानसभा में ही पूर्ण बहुमत नहीं मिला’
TKS इलंगोवन ने TVK की ओर से विजय को 2029 में प्रधानमंत्री पद के लिए पेश किए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह बेहद मजेदार दावा है। उनके मुताबिक, विजय की सरकार के पास तमिलनाडु विधानसभा में पूर्ण बहुमत नहीं है और उसे सरकार चलाने के लिए सहयोगी दलों के समर्थन पर निर्भर रहना पड़ा है।
इलंगोवन ने यह भी आरोप लगाया कि विजय सरकार अपने किए गए वादों को पूरा करने में नाकाम रही है। हालांकि ये सरकार के प्रदर्शन को लेकर DMK का राजनीतिक आरोप है, जिसे स्वतंत्र तथ्य के तौर पर पेश नहीं किया जा सकता।
दरअसल, 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 है। 2026 के विधानसभा चुनाव में TVK 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन अपने दम पर बहुमत से 10 सीट दूर रही। इसके बाद कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों के समर्थन से विजय सरकार बनाने में सफल हुए।
कांग्रेस के राहुल गांधी वाले रुख से बढ़ा विवाद
विजय को 2029 के लिए प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनाए जाने की चर्चा के बीच कांग्रेस और TVK के बीच भी मतभेद सामने आए हैं। तमिलनाडु के पर्यटन मंत्री और कांग्रेस नेता एस. राजेश कुमार ने कहा था कि 2029 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ही कांग्रेस के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर TVK इस रुख को स्वीकार नहीं करती है तो राज्य सरकार में शामिल कांग्रेस के दोनों मंत्री मंत्रिमंडल से हट सकते हैं।
इसके बाद TVK विधायक कनिमोझी संतोष ने विजय को 2029 में प्रधानमंत्री बनने का दावा किया। उन्होंने कहा कि उस समय राहुल गांधी ही विजय का हाथ थामकर उन्हें प्रधानमंत्री की कुर्सी तक ले जाएंगे। उनके इस बयान ने पहले से चल रही राहुल गांधी बनाम विजय की राजनीतिक बहस को और हवा दे दी।
AIADMK ने भी साधा निशाना
विजय की प्रधानमंत्री पद की संभावित दावेदारी को लेकर AIADMK महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने भी तंज कसा। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि विजय चाहें तो अमेरिका का राष्ट्रपति बनने का सपना भी देख सकते हैं, इसमें कोई गलत बात नहीं है। उनका यह बयान TVK समर्थकों की ओर से विजय को राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ाने की कोशिशों पर कटाक्ष के तौर पर देखा गया।
2029 की चर्चा ने बढ़ाई गठबंधन की मुश्किलें
विजय को प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनाए जाने की चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब TVK और उसके सहयोगी दलों के बीच राष्ट्रीय नेतृत्व को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है। कांग्रेस राहुल गांधी को 2029 के लिए अपना प्रमुख चेहरा बता रही है, जबकि TVK के कुछ नेता विजय को राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ाने की वकालत कर रहे हैं। MDMK नेता वाइको ने भी TVK की इस मुहिम के बीच गठबंधन सहयोगियों को सार्वजनिक रूप से अपनी-अपनी बात रखने को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है।
फिलहाल 2029 के प्रधानमंत्री पद को लेकर किसी औपचारिक गठबंधन स्तर के फैसले की घोषणा नहीं हुई है। इसलिए विजय, राहुल गांधी या किसी अन्य नेता को 2029 का निश्चित प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बताना अभी राजनीतिक दावों के दायरे में ही आता है।
