अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) से जुड़े ब्लैकमेलिंग मामले में आरोपियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। एएमयू कर्मचारी के बेटे की शिकायत पर दर्ज पहले मामले के बाद अब एक और पीड़ित सामने आया है। बरौला जाफराबाद निवासी युवक ने बन्ना देवी थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने एएमयू के बीबीए छात्र शहजिल शान खान सहित भोला उर्फ उबैर, मन्नान, ऑगी और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पीड़ित का आरोप
एफआईआर में पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उसे एएमयू के वीएम हॉल में बुलाया गया, जहां आरोपियों ने कथित तौर पर उसका अश्लील वीडियो बना लिया। पीड़ित के अनुसार, इसके बाद उसका मोबाइल छीनकर उसके साथ मारपीट की गई और वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल करते हुए उससे 60,000 रुपये वसूले गए। आरोप है कि एक बार रकम मिलने के बाद भी आरोपी वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर लगातार और पैसों की मांग करते रहे, जिससे पीड़ित गंभीर मानसिक तनाव में आ गया।
पीड़ित ने बताया कि जब उसे जानकारी मिली कि आरोपियों के खिलाफ पहले से ही एक एफआईआर दर्ज हो चुकी है, तो उसने भी हिम्मत जुटाकर पुलिस के पास पहुंचकर अपनी आपबीती बताई और शिकायत दर्ज कराई।
पहले भी दर्ज हो चुका है मामला, मुख्य आरोपी पहले से गिरफ्तार
यह मामला उस बड़े प्रकरण से जुड़ा है, जिसमें बीते दिनों एएमयू में एटीएस पद पर कार्यरत एक कर्मचारी के बेटे की शिकायत पर सिविल लाइंस पुलिस ने मुख्य आरोपी शहजिल शान खान को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, वह पीलीभीत का निवासी है और एएमयू के वीएम हॉल में रह रहा था। पुलिस जांच में सामने आया था कि आरोपियों ने बीते कुछ महीनों में कई युवकों को इसी तरह के तरीके से निशाना बनाकर लाखों रुपये की वसूली की थी।
गिरफ्तारी के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी कार्रवाई तेज कर दी है। शहजिल को पहले ही निलंबित किया जा चुका है और अब उसका प्रवेश निरस्त कर उसे विश्वविद्यालय से स्थायी रूप से प्रतिबंधित करने की तैयारी की जा रही है। मामले को अनुशासन समिति के समक्ष भी रखा जाएगा।
जांच का दायरा बढ़ा
पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी छात्र को हॉस्टल में बिना कमरा आवंटित हुए किसने और किस आधार पर रहने दिया। नए पीड़ित के सामने आने से पुलिस जांच का दायरा और बढ़ गया है और आशंका जताई जा रही है कि आरोपियों के निशाने पर आने वाले पीड़ितों की संख्या इससे अधिक हो सकती है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और अन्य पीड़ितों से भी आगे आकर शिकायत दर्ज कराने की अपील की जा रही है।

