फिरोजाबाद। आगामी त्योहारों के मद्देनजर शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने फिरोजाबाद में 1 अक्तूबर 2026 तक निषेधाज्ञा (धारा 163 बीएनएसएस) लागू कर दी है। इस अवधि में कांवड़ यात्रा मार्गों पर मांस की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी, जबकि बिना प्रशासनिक अनुमति किसी भी प्रकार के जुलूस, धरना, प्रदर्शन या जनसभा के आयोजन पर रोक रहेगी।
जिला मजिस्ट्रेट संतोष कुमार शर्मा द्वारा जारी आदेश के अनुसार सावन, चेहल्लुम, महाशिवरात्रि, स्वतंत्रता दिवस, नागपंचमी, बारावफात, रक्षाबंधन, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, विश्वकर्मा जयंती और अनंत चतुर्दशी जैसे प्रमुख पर्वों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। आदेश पूरे जिले में 1 अक्तूबर 2026 तक प्रभावी रहेगा।
प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि कांवड़ यात्रा मार्गों पर स्थित सभी लाइसेंसधारी प्रतिष्ठान मांस की बिक्री बंद रखेंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित करेंगे कि उनके परिसर में खुलेआम शराब या अन्य मादक पदार्थों का सेवन न हो। कांवड़ यात्रा के लिए निर्धारित डायवर्जन प्लान का भी सख्ती से पालन कराया जाएगा।
निषेधाज्ञा के तहत सार्वजनिक स्थानों पर पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि धार्मिक आयोजनों, शोभायात्राओं, शवयात्राओं, तेरहवीं संस्कार और सरकारी कार्यों में लगे कर्मचारियों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। इसके अलावा सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी प्रकार की जनसभा, जलसा, धरना, प्रदर्शन या जुलूस आयोजित नहीं किया जा सकेगा।
डीजे, पटाखों और सोशल मीडिया पर भी सख्ती
प्रशासन ने डीजे की ध्वनि निर्धारित डेसिबल सीमा के भीतर रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही डीजे की ऊंचाई ऐसी होगी कि यात्रा मार्ग में बिजली के तारों से टकराने का खतरा न हो। अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों और न्यायालयों के 100 मीटर के दायरे में पटाखे चलाने पर भी रोक रहेगी।
इसके अलावा भड़काऊ नारेबाजी, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले पोस्टर या बैनर लगाने तथा बिना अनुमति अस्त्र-शस्त्र, लाठी-डंडा, विस्फोटक सामग्री या तेजाब लेकर चलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। होटल, सराय और साइबर कैफे संचालकों को भी बिना वैध पहचान पत्र के किसी व्यक्ति को ठहराने या काम पर रखने की अनुमति नहीं होगी।
आदेश उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
जिला मजिस्ट्रेट ने चेतावनी दी है कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आदेश के प्रभावी अनुपालन की जिम्मेदारी पुलिस उपनिरीक्षक एवं उससे वरिष्ठ अधिकारियों, तहसीलदारों और कार्यपालक मजिस्ट्रेटों को सौंपी गई है।

