उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने एक आटा मिल पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में टेलकम पाउडर बरामद किया है। शिकायत मिली थी कि गेहूं के आटे में मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थ मिलाकर उसकी बिक्री की जा रही है। कार्रवाई के दौरान टीम ने करीब 50 किलो आटा और 43 बोरी टेलकम पाउडर जब्त किया। मामले की जांच के लिए आटे और पाउडर के नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
शिकायत के बाद खाद्य विभाग ने की कार्रवाई
जिलाधिकारी को शिकायत मिली थी कि जिले में संचालित एक मिल में टेलकम पाउडर का इस्तेमाल कर आटा तैयार किया जा रहा है। इसके बाद उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए।
शुक्रवार को सहायक खाद्य आयुक्त द्वितीय डॉ. श्वेता सैनी के निर्देशन में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एके पाठक और टीम के अन्य सदस्यों ने ज्योति खुड़िया स्थित कथित अवैध आटा मिल पर छापा मारा।
टीम ने मिल संचालक अजीत कुमार से पूछताछ की। निरीक्षण के दौरान आटे में टेलकम पाउडर मिलाए जाने की आशंका सामने आई। इसके बाद टीम ने आटे और टेलकम पाउडर के नमूने लिए, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है।
43 बोरी पाउडर और आटा जब्त, मिल बंद
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मिल से 43 बोरी टेलकम पाउडर बरामद किया। विभाग के अनुसार, इसमें करीब 2,150 किलोग्राम अपमिश्रित पाउडर था, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 32,250 रुपये बताई गई है। इसके अलावा लगभग 50 किलो आटा भी जब्त किया गया।
मिल के अवैध रूप से संचालित होने के आरोप में उसका संचालन बंद करा दिया गया है। मामले में संबंधित थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है।
हालांकि, आटे में वास्तव में टेलकम पाउडर या कोई अन्य मिलावटी पदार्थ मिलाया गया था या नहीं, इसकी अंतिम पुष्टि प्रयोगशाला जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
आटे में मिलावट की पहचान कैसे करें?
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह के अनुसार, घर पर आटे की गुणवत्ता को लेकर कुछ प्रारंभिक जांच की जा सकती है। एक तरीके में आटे में नींबू की कुछ बूंदें डालकर प्रतिक्रिया देखी जाती है। इसी तरह पानी में आटा डालकर उसकी स्थिति को भी देखा जा सकता है। हथेली पर आटा रगड़कर उसकी बनावट और असामान्य चिकनाहट का अंदाजा भी लगाया जा सकता है।
हालांकि, ऐसे घरेलू तरीके मिलावट की वैज्ञानिक पुष्टि नहीं करते। किसी संदिग्ध खाद्य पदार्थ की वास्तविक जांच के लिए अधिकृत प्रयोगशाला परीक्षण जरूरी है।
स्वास्थ्य पर क्या पड़ सकता है असर?
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, यदि खाद्य पदार्थ में किसी खनिज या अन्य गैर-खाद्य पदार्थ की मिलावट लंबे समय तक होती है और वह शरीर में पहुंचता है, तो इससे पाचन संबंधी समस्याएं और अन्य स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं। हालांकि, मैनपुरी में जब्त किए गए पदार्थ से स्वास्थ्य को हुए किसी नुकसान की पुष्टि अभी नहीं हुई है और इसके लिए जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
राजस्थान से मंगाए जाने का दावा
खाद्य विभाग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, सेलखड़ी या इसी तरह के पदार्थ को राजस्थान से कम कीमत पर मंगाकर घटिया आटे में मिलाने की शिकायतें सामने आई हैं। आरोप है कि इससे आटा अधिक चिकना और चमकदार दिखाई देता है।
फिरोजाबाद में भी खाद्य विभाग की टीम ने एटा रोड स्थित शिवाय ट्रेडिंग कंपनी पर कार्रवाई करते हुए करीब 30 किलो सेलखड़ी और 420 किलो गेहूं का आटा सीज किया है। अधिकारियों के मुताबिक, वहां भी राजस्थान से सेलखड़ी मंगाए जाने की जानकारी सामने आई है।
मैनपुरी और आसपास के जिलों में हुई इन कार्रवाइयों के बाद खाद्य विभाग ने मिलावट के खिलाफ जांच और निगरानी बढ़ा दी है।

