पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव से बने ऊर्जा संकट ने साइकिल की मांग बढ़ा दी है। पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों के बीच, बरेली के लोग साइकिल चलाकर पैसों की बचत करने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान कर रहे हैं। इससे सेहत भी सुधर रही है।
जिले में ईंधन की बड़े पैमाने पर खपत होती है। एक अनुमान के मुताबिक, हर महीने करीब एक लाख लीटर डीजल और 62 हजार लीटर पेट्रोल का इस्तेमाल होता है। ऊर्जा के वैश्विक संकट के बीच पेट्रोल-डीजल के लिए लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। कीमत बढ़ने से जेब पर भी बोझ पड़ रहा है।
इससे बचने के लिए अब लोग बढ़-चढ़कर साइकिल की सवारी पर जोर दे रहे हैं। साइकिल की मांग बढ़ने की बानगी साइकिल दुकानों पर भी दिख रही है। बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए यहां पहुंच रहे हैं।

