कंगना रनौत से विवाद के बीच स्वामी रामदेव ने भेजी राखी-मिठाई और गिफ्ट, बोलीं- त्योहार भूल-चूक माफ करने के लिए ही होता है

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रक्षाबंधन पर स्वामी रामदेव ने कंगना रनौत को राखी और गिफ्ट भेजकर विवाद खत्म करने की पहल की

योग गुरु स्वामी रामदेव और बीजेपी सांसद कंगना रनौत के बीच पिछले कुछ समय से चल रहा विवाद रक्षाबंधन के मौके पर खत्म होता दिखाई दे रहा है। विवाद के बीच स्वामी रामदेव ने सुलह की पहल करते हुए कंगना रनौत को अपनी बहन बताया और उनके लिए राखी, मिठाई और उपहार भेजे। उन्होंने कहा कि रिश्तों में आई कड़वाहट को बातचीत के जरिए दूर किया जाना चाहिए और रक्षाबंधन का संदेश भी यही है।

स्वामी रामदेव ने कंगना को भेजी राखी और गिफ्ट

स्वामी रामदेव ने रक्षाबंधन के मौके पर कंगना रनौत के लिए राखी, मिठाइयां और उपहार भेजे। उन्होंने कहा कि देश में किसी भी वजह से लोगों के बीच नफरत या बुरी भावना नहीं होनी चाहिए। उनके मुताबिक, हालिया विवाद को बातचीत के जरिए खत्म किया जाना चाहिए।

रामदेव ने कहा कि वह कंगना को फोन कर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं भी देंगे। उन्होंने इस मौके पर दोनों के बीच हुई बयानबाजी को पीछे छोड़कर रिश्ते सामान्य करने की अपील की।

कंगना ने भी पहल का किया स्वागत

स्वामी रामदेव की पहल पर कंगना रनौत ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए रामदेव की बात का स्वागत किया। कंगना ने कहा कि उनके भाई बाबा रामदेव ने बहुत अच्छी बात कही है।

कंगना ने यह भी लिखा कि त्योहार भूल-चूक माफ करने के लिए ही होते हैं। उन्होंने स्वामी रामदेव की ओर से भेजे गए गिफ्ट स्वीकार किए और उनकी सकारात्मक पहल के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।

कैसे शुरू हुआ था कंगना और रामदेव का विवाद?

कंगना रनौत और स्वामी रामदेव के बीच विवाद की शुरुआत कंगना की ओर से ‘जेन-जी’ प्रदर्शनकारियों को लेकर की गई टिप्पणी के बाद हुई थी। कंगना ने प्रदर्शनकारियों के लिए ‘गटर जेनरेशन’ शब्द का इस्तेमाल किया था। बाद में उन्होंने अपने बयान को लेकर सफाई भी दी थी।

कंगना के बयान पर स्वामी रामदेव ने आपत्ति जताई थी और उनकी टिप्पणी को गलत बताया था। रामदेव ने कंगना के पुराने बयानों और उनके अतीत को लेकर भी टिप्पणी की, जिसके बाद कंगना ने सोशल मीडिया पर उन्हें जवाब दिया। दोनों ओर से हुई बयानबाजी धीरे-धीरे सार्वजनिक विवाद में बदल गई।

रक्षाबंधन पर खत्म हो सकती है कड़वाहट

करीब दो सप्ताह तक चले इस विवाद के बीच स्वामी रामदेव की ओर से राखी और गिफ्ट भेजे जाने को सुलह की पहल के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, कंगना द्वारा इस पहल का स्वागत किए जाने के बाद दोनों के बीच विवाद खत्म होने की संभावना बढ़ गई है।

रक्षाबंधन के मौके पर दोनों की ओर से सामने आए सकारात्मक संदेशों ने कम से कम सार्वजनिक तौर पर जारी इस विवाद को खत्म करने का रास्ता खोल दिया है।

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