नई दिल्ली: IRS अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी को ऑनलाइन गेम का लत था। ऑनलाइन गेम की वजह से आरोपी पर करीब 5 लाख का कर्ज था। पैसे के लिए ही आरोपी अपने पुराने मालिक के पास आया था। गेम की लत की वजह से उसने अपना और अपने घरवालों के तीन मोबाइल भी बेच कर गेम में लगा दिए। मोबाइल के पैसे भी हारने के बाद आरोपी ने अपने पुराने मालिक के घर चोरी की साजिश रची।
ऐसे रची गई साजिश
पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी अलवर में पड़ोस में रहने वाली महिला के साथ दुष्कर्म के बाद एम्बुलेंस लिफ्ट लेकर कर दिल्ली आया। इसके बाद वो अपने पुराने मालिक के घर पहुंचता है। आरोपी यहां करीब डेढ़ साल काम कर चुका था। लिहाजा उसे यह भी पता था कि घर में कब कौन रहता है और एक्सेस कार्ड कहां रखा जाता है। वारदात वाले दिन जैसे ही IRS अधिकारी और उनकी पत्नी घर से निकले, आरोपी थोड़ी देर बाद घर में दाखिल हो गया। शू रैक में रखे एक्सेस कार्ड की मदद से वह अंदर पहुंचा और सीधे लड़की के स्टडी रूम में गया। वो पहले लड़की से पैसे मांगता है और बोलता है कि उसे आंटी ने पैसे देने के लिए बुलाया है। लेकिन जब लड़की ने उससे कहा कि तुम अंदर कैसे आ गए, तो उसने पहले बहाने बनाए और फिर उससे काबू करने के लिए उसका गला दबाने लगा।
बेरहमी की हद पार
लड़की फिर भी काबू में नहीं आई तो उसने माबाइल के चार्जर की तार का इस्तेमाल किया और फिर पास में पड़े लैंप से उस पर कई वार किया। जब लड़की बेहोश हो गई, तो उसने उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर लड़की के शरीर को ऊपर स्टडी रूम से घसीटते हुए नीचे लॉकर तक लेकर आया। दरअसल, घर का लॉकर जिसमें पैसे और ज्वेलरी रखे जाते थे वो घर में IRS अधिकारी, उनकी पत्नी और मृतका के फिंगर इम्प्रेशन से ही खुलता है, ये बात आरोपी को पता था। लिहाजा वो मृतका के फिंगर को लॉकर पर लगाता है, लेकिन खून लगे होने की वजह से लॉकर पूरा नहीं खुलता, जिसके बाद वो पेचकस का इस्तेमाल कर लॉकर खोलता है। इसके बाद पैसे और ज्वेलरी लेकर फरार हो जाता है। घर से जाते समय वो मोबाइल फोन से बात करने की एक्टिंग करता है, जिससे उस पर किसी को शक न हो।
वारदात को अंजाम देने के बाद वो पालम एयरपोर्ट पहुंचा, जहां ट्रेन छूट जाने के बाद वो ऑटो पकड़कर द्वारका के एक होटल चला जाता है। लेकिन आखिरकार पुलिस उसे ट्रेस कर लेती है और वो पकड़ा जाता है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने डेढ़ साल तक यहां पर काम किया। उसे करीब 20 हजार रुपये सैलरी मिलती थी। इतना ही नहीं, हर त्योहार पर गिफ्ट और पैसे भी मिलते थे। लेकिन उसे ऑनलाइन गेम की आदत लग गई, जिसके बाद वो पैसे हारने लगा। इसी वजह से वो पड़ोस की सभी दुकानों से उधार पर समान लेने लगा। जब इसकी जानकारी IRS अधिकारी को लगी तो उन्होंने पहले आरोपी को समझाया और जब वो नहीं सुधरा तब उसे निकाल दिया।
5 लाख रुपये का उधार था
सूत्रों के मुताबिक, ऑनलाइन गेम की वजह से उस पर करीब 5 लाख रुपये का उधार था, इसलिए उसने अपने पुराने मालिक के घर को निशाना बनाया। उसने बड़ी बेहरहमी से इस वारदात को अंजाम दिया। पूरे घर में खून के निशान मिले हैं। मृतका के शरीर पर चोट के कई निशान हैं।

