आगरा: कैंट बोर्ड क्षेत्र में करीब दो महीने से जारी पानी की किल्लत को लेकर मंगलवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। महिलाएं सिर पर मटके लेकर कैंट बोर्ड कार्यालय पहुंचीं और प्रदर्शन किया। पूर्व कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष डॉ. पंकज महेंद्रू के नेतृत्व में पहुंचे लोगों ने पानी की समस्या के साथ-साथ सीवर, खराब सड़कों, सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याएं भी अधिकारियों के सामने रखीं।
करीब आधे घंटे तक चले हंगामे के बाद कैंट बोर्ड अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों के साथ बैठक की। अधिकारियों ने समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन दिया। हालांकि, लोगों का कहना है कि पानी की समस्या को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन उन्हें अब तक स्थायी राहत नहीं मिली है।
दो महीने से पानी के लिए परेशान लोग
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक कैंट क्षेत्र के वार्ड 1, 2 और 4 में पानी की समस्या सबसे ज्यादा गंभीर है। लोगों का आरोप है कि वे लगातार पानी की कमी से जूझ रहे हैं और शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
डॉ. पंकज महेंद्रू ने कहा कि लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए परेशान हैं। उनका आरोप है कि वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना पुरानी पानी की टंकियां तोड़ दी गईं। फिलहाल टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है, लेकिन लोगों की जरूरत के मुकाबले यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं है।
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने भी पानी की समस्या को लेकर नाराजगी जताई। मटके लेकर कैंट बोर्ड पहुंचने का उद्देश्य अधिकारियों का ध्यान लंबे समय से चली आ रही समस्या की ओर खींचना था।
पानी के साथ सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट की समस्या
कैंट क्षेत्र के लोगों ने सिर्फ पेयजल संकट ही नहीं, बल्कि दूसरी बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी शिकायतें दर्ज कराईं। कैंट निवासी परमजीत सिंह ने बताया कि क्षेत्र में सड़कों की हालत खराब है और नाली-खड़ंजा के साथ स्ट्रीट लाइट की समस्या भी बनी हुई है।
लोगों ने अधिकारियों से मांग की कि पानी की समस्या के साथ सीवर, सफाई, सड़क और स्ट्रीट लाइट से जुड़ी शिकायतों का भी समयबद्ध तरीके से समाधान कराया जाए।
सफाई व्यवस्था को लेकर भी उठ रहे सवाल
कैंट क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर भी लंबे समय से शिकायतें सामने आती रही हैं। पिछले स्वच्छ सर्वेक्षण में आगरा कैंट बोर्ड की रैंकिंग में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। देश की 58 छावनियों में आगरा कैंट को 57वां स्थान मिला था। इसके मुकाबले वर्ष 2024 के सर्वेक्षण में आगरा कैंट बोर्ड पांचवें स्थान पर रहा था।
आठों वार्ड के लोग सफाई व्यवस्था, जर्जर सड़कों और जल निकासी जैसी समस्याओं को लेकर शिकायतें उठा रहे हैं। मंगलवार के प्रदर्शन में भी इन समस्याओं को अधिकारियों के सामने प्रमुखता से रखा गया।
कैंट बोर्ड CEO ने क्या कहा?
कैंट बोर्ड के सीईओ दीपक मोहन ने कहा कि लोगों ने पानी, सीवर, सफाई समेत जो समस्याएं बताई हैं, उन पर बोर्ड पहले से काम कर रहा है। उन्होंने सभी समस्याओं का स्थायी समाधान कराने की बात कही।
मकानों की मरम्मत से जुड़ी परेशानी पर उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को समस्या आ रही है तो वह कैंट बोर्ड कार्यालय में संपर्क कर सकता है।
बैठक के दौरान अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। हालांकि, स्थानीय लोगों की असली चिंता अब यही है कि दो महीने से चली आ रही पानी की समस्या कब तक दूर होगी और टैंकरों की अस्थायी व्यवस्था की जगह नियमित जलापूर्ति कब बहाल होगी।
