अलीगढ़ के किसानों के लिए अब अपना आलू विदेशी बाजारों तक पहुंचाना पहले से आसान होने जा रहा है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आलू निर्यात की प्रक्रिया और सर्टिफिकेशन के लिए अलग भवन बनाया जाएगा, जिससे किसानों और एफपीओ को निर्यात संबंधी कागजी कार्रवाई के लिए दूसरे शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
इसकी घोषणा शनिवार को आगरा में आयोजित अंतरराज्यीय आलू क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में प्रदेश के उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने की। उद्यान विभाग के अनुसार, इस सुविधा का सीधा लाभ प्रदेश के 17 प्रमुख आलू उत्पादक जिलों को मिलने की उम्मीद है।
अलीगढ़ के लिए क्यों अहम है जेवर एयरपोर्ट
उप निदेशक उद्यान डॉ. बलजीत सिंह के मुताबिक, अलीगढ़ जिला मुख्यालय से करीब 76 किलोमीटर दूर स्थित जेवर एयरपोर्ट किसानों के लिए बेहतर विकल्प साबित होगा, क्योंकि यह पलवल हाईवे और यमुना एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ा हुआ है। इस कनेक्टिविटी के चलते स्थानीय एफपीओ और किसान यहां से सीधे विदेशी बाजारों के लिए आलू भेज सकेंगे।
अभी अलीगढ़ के 126 कोल्ड स्टोर में करीब 6.5 लाख टन आलू भंडारित है। इसकी खपत बढ़ाने के लिए विभाग ओडिशा समेत अन्य राज्यों के खरीदारों से भी बातचीत कर रहा है। शनिवार के सम्मेलन में दूसरे राज्यों के कारोबारियों से सीधा संवाद हुआ, जिससे विभाग को उम्मीद है कि अलीगढ़ के किसानों को नए खरीदार मिलेंगे।
पहले लखनऊ जाना पड़ता था, अब यह बदलेगा
एग्री शाइन एफपीओ के संचालक जितेंद्र अवस्थी ने बताया कि हाल ही में उन्होंने 12 क्विंटल आलू हवाई मार्ग से बहरीन भेजा था, जिसके लिए उन्हें लखनऊ एयरपोर्ट जाना पड़ा था। उनके मुताबिक, जेवर से निर्यात सुविधा शुरू होने पर अलीगढ़ के किसानों और एफपीओ को अब लखनऊ की दौड़ नहीं लगानी होगी।
कोमलिका एफपीओ के संचालक कैप्टन आरपी पचौरी ने कहा कि आलू की बड़ी बेल्ट में ही निर्यात की सुविधा मिलने से किसानों को सीधा फायदा होगा। वहीं अलीगढ़ कोल्ड स्टोर्स ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गिर्राज गोदानी के अनुसार, निर्यात सुविधा बढ़ने से किसानों को बेहतर बाजार मिलेंगे और वे बेहतर किस्मों की खेती की ओर भी आकर्षित होंगे।
भाव गिरने पर मिलेगी राहत, कोल्ड स्टोर किराये में भी छूट
आलू के भाव में उतार-चढ़ाव से किसानों को बचाने के लिए सरकार ने 1000 करोड़ रुपये का भामाशाह भावांतर कोष बनाया है, जिसके तहत भाव गिरने की स्थिति में किसानों के बैंक खाते में सीधे 100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा कोल्ड स्टोर के किराये में राहत देने के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। खैर स्थित बलभद्र शीतगृह के संचालक श्रीकांत शर्मा ने बताया कि भावांतर योजना बाजार भाव गिरने की स्थिति में किसानों को बड़ी राहत दे सकती है, और किसान कोल्ड स्टोर किराये में छूट के लिए आवेदन भी कर रहे हैं।
जल्द ही 30 टन आलू जाएगा बहरीन
अलीगढ़ से जल्द ही 30 टन आलू बहरीन भेजे जाने की तैयारी चल रही है। इसमें फ्राई सोना और फ्राई होम किस्में शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल मुख्य रूप से फ्रेंच फ्राइज और चिप्स बनाने में होता है। जितेंद्र अवस्थी ने बताया कि इस बार आलू को कंटेनर के जरिये समुद्री मार्ग से बहरीन भेजा जाएगा।
शनिवार का यह सम्मेलन आगरा में आयोजित हुआ, जहां देश के कई राज्यों के कारोबारी, निर्यातक और किसान शामिल हुए। बता दें कि जेवर एयरपोर्ट को लेकर उद्यान विभाग की योजना केवल आलू तक सीमित नहीं है — विभाग इसे प्रदेश के अन्य कृषि उत्पादों, जैसे आम, के निर्यात के लिए भी महत्वपूर्ण केंद्र के तौर पर विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है।

