नई दिल्ली: बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की यूनियनों के संयुक्त संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 11 सितंबर 2026 को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। यूनियनों का कहना है कि सरकार और बैंक प्रबंधन लंबे समय से उनकी प्रमुख मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं ले रहे हैं। ऐसे में अब आंदोलन को तेज करने का फैसला किया गया है।
UFBU में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की नौ यूनियनें शामिल हैं। संगठन की प्रमुख मांगों में पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करना, परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) में असमानता खत्म करना, पेंशन अपडेट और NPS कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का विकल्प देना शामिल है।
अगर प्रस्तावित हड़ताल होती है तो बैंक ग्राहकों को कैश निकासी, चेक क्लियरेंस, शाखा संबंधी काम और अन्य सेवाओं में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
5 दिन बैंकिंग व्यवस्था की मांग सबसे अहम
बैंक यूनियनों की सबसे पुरानी और प्रमुख मांग पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की है। इसके तहत सोमवार से शुक्रवार तक बैंक खुलेंगे, जबकि शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश रहेगा।
यूनियनों का कहना है कि 8 मार्च 2024 को हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते और 9वें संयुक्त नोट में इस व्यवस्था को लेकर सहमति बनी थी। प्रस्ताव के अनुसार शनिवार की छुट्टी के बदले सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना बैंकिंग समय में करीब 40 मिनट की बढ़ोतरी की जानी थी।
UFBU का आरोप है कि प्रस्ताव को सरकार के पास भेजे जाने के बावजूद अब तक इसे मंजूरी नहीं मिली है।
PLI को लेकर क्यों नाराज हैं बैंक कर्मचारी?
यूनियनों ने परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) की मौजूदा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अलग-अलग श्रेणी के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए प्रोत्साहन राशि में काफी अंतर है।
यूनियनों के मुताबिक, स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों को व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर अधिकतम 365 दिनों के बेसिक वेतन तक PLI मिल सकता है। दूसरी ओर, कर्मचारियों और स्केल III तक के अधिकारियों के लिए अधिकतम 15 दिनों के बेसिक वेतन और महंगाई भत्ते के बराबर PLI का प्रावधान है।
UFBU इसी अंतर को लेकर बदलाव की मांग कर रहा है।
पेंशन अपडेट और OPS भी एजेंडे में
बैंक यूनियनों की मांग केवल वेतन और काम के दिनों तक सीमित नहीं है। संगठन ने पेंशन अपडेट और सुधार के साथ सभी पेंशनभोगियों के लिए समान महंगाई भत्ता (DA) फॉर्मूला लागू करने की मांग उठाई है।
इसके अलावा NPS के दायरे में आने वाले बैंक कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) चुनने का विकल्प देने की मांग भी की जा रही है।
11 सितंबर के बाद आंदोलन और बड़ा हो सकता है
UFBU ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार और बैंक प्रबंधन ने मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
संगठन के मुताबिक, 28 सितंबर से तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल की जा सकती है। इसके बाद भी समाधान नहीं निकला तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाने की चेतावनी दी गई है।
ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर?
11 सितंबर शुक्रवार को प्रस्तावित हड़ताल के बाद शनिवार और रविवार का साप्ताहिक अवकाश रहेगा। ऐसे में अगर हड़ताल लागू होती है तो कई जगह बैंक शाखाओं में लगातार कई दिनों तक कामकाज प्रभावित हो सकता है। कुछ राज्यों में 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी की छुट्टी होने के कारण बैंकिंग सेवाओं पर असर और बढ़ सकता है।
हालांकि, UPI, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और ATM जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहने की संभावना रहती है, लेकिन शाखा से जुड़े काम और कुछ लेनदेन प्रभावित हो सकते हैं।
अब नजर इस बात पर है कि 11 सितंबर से पहले सरकार और बैंक प्रबंधन UFBU की मांगों पर कोई समाधान निकालते हैं या देशभर के बैंक कर्मचारी और अधिकारी वास्तव में हड़ताल पर जाते हैं।
