बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली में जल जीवन मिशन के तहत बन रही पानी की टंकी की सीढ़ियां अचानक ढह गईं। हादसा शेरगढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत बकैनियां बीरपुर में हुआ। मलबे में दबकर घायल हुए 20 वर्षीय मजदूर वरुण की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि एक अन्य मजदूर की हालत गंभीर बताई जा रही है। एक अन्य कामगार को मामूली चोट लगने की भी जानकारी सामने आई है।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकाला। घायलों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान वरुण ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
शटरिंग के काम के दौरान हुआ हादसा
बकैनियां बीरपुर गांव में जल जीवन मिशन के तहत ओवरहेड टैंक का निर्माण फरवरी 2023 से चल रहा है। निर्माण कार्य एनसीसी लिमिटेड की ओर से कराया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के समय मजदूर टंकी पर शटरिंग का काम कर रहे थे।
काम के दौरान अचानक निर्माणाधीन टंकी की सीढ़ियां भरभराकर नीचे गिर गईं। सीढ़ियों के मलबे की चपेट में मजदूर आ गए। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया।
रिपोर्ट के मुताबिक, परियोजना के तहत गांव में 327 घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाने की योजना है, लेकिन करीब साढ़े तीन साल बाद भी निर्माण पूरा नहीं हो सका है। अभी तक मुख्य रूप से पिलर और सीढ़ियों का निर्माण ही हो पाया था।
निर्माण में घटिया सामग्री के आरोप
हादसे के बाद ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि टंकी के निर्माण में मानकों के अनुरूप सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था। कुछ ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि तेज हवा चलने पर निर्माणाधीन ढांचा हिलता था।
ग्रामीणों ने पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराने और यदि निर्माण में अनियमितता या मानकों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल होने या वही हादसे की वजह होने की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसकी वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
मौसम खराब होने के बावजूद काम कराने का आरोप
ग्रामीणों और मजदूरों से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया कि बारिश और खराब मौसम के दौरान भी निर्माण कार्य कराया जा रहा था। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने मजदूरों के सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए हैं।
इन आरोपों की भी प्रशासनिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल हादसे के बाद निर्माण स्थल की सुरक्षा और निर्माण की गुणवत्ता दोनों जांच के दायरे में हैं।
परिवार में मचा कोहराम
मृतक वरुण बरेली के ईधजागीर गांव का रहने वाला था और अपने साथियों के साथ बकैनियां बीरपुर में टंकी के निर्माण कार्य पर गया था। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
परिजनों के मुताबिक, वरुण के साथ गांव के कुछ अन्य युवक भी काम करने गए थे। हादसे में कुछ साथी सुरक्षित बच गए, जबकि वरुण की उपचार के दौरान मौत हो गई। परिवार ने बताया कि खराब मौसम को देखते हुए उसे काम पर नहीं जाने की सलाह दी गई थी।
वरुण की मौत से उसकी मां पुष्पा देवी, पिता डोरीलाल और भाई राहुल का रो-रोकर बुरा हाल है।
एसडीएम ने कहा- निर्माण की गुणवत्ता की होगी जांच
मीरगंज की एसडीएम निधि शुक्ला ने बताया कि निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक की सीढ़ियां ढहने के मामले की जांच कराई जाएगी। निर्माण की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों का भी परीक्षण कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी तरह की अनियमितता या मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मृतक मजदूर के परिवार को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है।
जांच से साफ होगा हादसे का कारण
बकैनियां बीरपुर की इस घटना ने जल जीवन मिशन के तहत चल रहे निर्माण कार्यों में मजदूरों की सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल हादसे की तकनीकी वजह स्पष्ट नहीं है। प्रशासनिक जांच और निर्माण की गुणवत्ता की रिपोर्ट आने के बाद ही यह पता चलेगा कि सीढ़ियां किन परिस्थितियों में ढहीं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

