लखनऊ में UP TEX-2026 का आगाज, टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश और रोजगार बढ़ाने पर जोर; 5,354 करोड़ के प्रस्ताव

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लखनऊ में UP TEX-2026 का आगाज, टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश और रोजगार बढ़ाने पर जोर; 5,354 करोड़ के प्रस्ताव

लखनऊ में उत्तर प्रदेश के हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए दो दिवसीय UP TEX-2026 का मंगलवार को शुभारंभ हुआ। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। 8 और 9 सितंबर को होने वाले इस आयोजन में टेक्सटाइल और परिधान उद्योग से जुड़े निवेशक, निर्माता, निर्यातक, खरीदार, मशीनरी आपूर्तिकर्ता और विशेषज्ञ जुट रहे हैं। आयोजन का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख और वैश्विक टेक्सटाइल हब के रूप में विकसित करने के लिए निवेश, तकनीक और कारोबार के नए अवसर तलाशना है।

भारत टेक्स की तर्ज पर पहली बार यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव

कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने कहा कि भारत टेक्स की तर्ज पर पहली बार उत्तर प्रदेश में इस तरह का टेक्सटाइल कॉन्क्लेव आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दो लाख से अधिक हथकरघा बुनकर हैं और निर्यात में उनका महत्वपूर्ण योगदान है।

मंत्री के मुताबिक, सरकार की 2017 और 2022 की टेक्सटाइल नीतियों के तहत निवेशकों को प्रोत्साहन दिया गया है। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत से मिलने वाले सुझावों को 2027 के बाद आने वाली नई टेक्सटाइल नीति में शामिल करने पर विचार किया जाएगा।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेलों में भाग लेने वाले उद्यमियों को सरकार की ओर से 90 प्रतिशत तक सब्सिडी दिए जाने की बात भी कही गई। कार्यक्रम में करीब 5,354 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव पास होने की जानकारी दी गई।

157 टेक्सटाइल इकाइयों को 416.75 करोड़ की सहायता

उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, 2017-18 से लागू हैंडलूम, पावरलूम, सिल्क, टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2017 और टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2022 के तहत अब तक 214 इकाइयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किए गए हैं। इनमें से 157 इकाइयों को 416.75 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है।

सरकार का फोकस नई इकाइयों के साथ-साथ मौजूदा उद्योगों के विस्तार और आधुनिकीकरण पर भी है।

4,122 बुनकरों को 73.18 करोड़ की मदद

मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना के तहत अब तक 4,122 बुनकरों को 73.18 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दिए जाने की जानकारी दी गई है। वहीं अटल बिहारी पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना के तहत 99,929 कनेक्शनधारकों के लिए 3,446.44 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

इन योजनाओं का उद्देश्य बुनकरों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने, बिजली लागत का बोझ कम करने और रोजगार के अवसरों को मजबूत करना है।

यूपी में बनेंगे टेक्सटाइल पार्क

सरकार टेक्सटाइल सेक्टर के लिए बड़े औद्योगिक क्लस्टर और पार्क विकसित करने पर भी जोर दे रही है। संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना के तहत कई जिलों में पार्क विकसित करने की तैयारी है।

लखनऊ-हरदोई सीमा पर करीब 1,000 एकड़ में पीएम मित्र पार्क विकसित किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसकी बाउंड्री-वॉल का काम करीब 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इसके अलावा वाराणसी, संत कबीर नगर, बरेली, बिजनौर, अमरोहा, सीतापुर, रायबरेली, मऊ और कानपुर नगर में टेक्सटाइल पार्क के लिए भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है।

राकेश सचान ने यह भी कहा कि टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग में इस्तेमाल होने वाली मशीनों का निर्माण उत्तर प्रदेश में ही करने की दिशा में काम किया जाना चाहिए। उन्होंने घाटमपुर में करीब 1,000 एकड़ जमीन उपलब्ध होने पर टेक्सटाइल पार्क विकसित करने की संभावना भी जताई।

रामकी ग्रुप ने बड़े निवेश का ऐलान किया

कार्यक्रम में रामकी ग्रुप के पूर्व चेयरमैन अयोध्या रामी रेड्डी ने उत्तर प्रदेश में बड़े निवेश की घोषणा की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल सेक्टर को देश के लिए मॉडल बनाने की क्षमता रखता है।

रामी रेड्डी ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और निवेश के माहौल पर भरोसा जताते हुए कहा कि सरकार के समर्थन के साथ निजी क्षेत्र को निवेश के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने टेक्सटाइल इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश की घोषणा करते हुए पीएम मित्र पार्क और अन्य प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्कों को महत्वपूर्ण अवसर बताया।

रामी रेड्डी पहले भी उत्तर प्रदेश में निवेश के माहौल और कानून-व्यवस्था की सार्वजनिक रूप से सराहना कर चुके हैं।

नई तकनीक और निर्यात के अवसरों पर चर्चा

UP TEX-2026 में टेक्सटाइल और गारमेंटिंग क्षेत्र से जुड़ी सरकारी नीतियों, सब्सिडी और प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों को दी जा रही है। इसके साथ ही नई तकनीक, उत्पादन क्षमता, निर्यात, मशीनरी, सप्लाई चेन और नए कारोबारी अवसरों पर चर्चा होगी।

आयोजक Confederation of Indian Textile Industry (CITI) के अनुसार, सम्मेलन का व्यापक लक्ष्य उत्तर प्रदेश को Global Textile Hub के रूप में विकसित करने की दिशा में उद्योग और सरकार के बीच साझेदारी को मजबूत करना है।

रोजगार और निवेश पर सरकार का फोकस

टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ावा देने के पीछे सरकार की रणनीति सिर्फ निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं है। नई इकाइयों के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार, कौशल विकास, निर्यात और बुनकरों की आय बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

UP TEX-2026 को इसी व्यापक रणनीति के मंच के रूप में देखा जा रहा है, जहां सरकार अपनी नीतियों और औद्योगिक संभावनाओं को निवेशकों के सामने रख रही है। अब इस आयोजन के दौरान घोषित निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलना और उनके क्रियान्वयन की गति बनाए रखना उत्तर प्रदेश के टेक्सटाइल सेक्टर के लिए अहम होगा।

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