जयपुर में पार्षद टिकट की जंग: 150 वार्डों पर 2500 दावेदार, पैर छूकर पहुंचा रहे बायोडाटा; 11 सितंबर को फैसला

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पार्षद टिकट की होड़, 150 वार्डों पर 2500 दावेदार, पैर छू कर दिए जा रहे बायोडाटा

जयपुर: राजस्थान में निकाय चुनाव का काउंटडाउन शुरू होते ही जयपुर की सियासत में टिकट की दौड़ तेज हो गई है। नगर निगम के 150 वार्डों में पार्षद बनने के लिए अकेले भाजपा में 2,500 से ज्यादा दावेदार सामने आ चुके हैं। टिकट पाने की चाहत का आलम यह है कि कई दावेदार नेताओं के घर और पार्टी कार्यालयों तक पहुंचकर न सिर्फ अपना बायोडाटा सौंप रहे हैं, बल्कि नेताओं के पैर छूकर आशीर्वाद भी मांग रहे हैं।

चुनाव की तारीख नजदीक आते ही राजनीतिक दलों के कार्यालयों में दावेदारों की भीड़ बढ़ने लगी है। हालांकि, अंतिम टिकट किसे मिलेगा, इसका फैसला पार्टी संगठन, स्थानीय समीकरण, आरक्षण और प्रत्याशी की जीत की संभावना को ध्यान में रखकर किया जाएगा।

2,500 दावेदारों में करीब 1,000 महिलाएं

भाजपा जयपुर शहर अध्यक्ष अमित गोयल के मुताबिक, पार्टी के पास अब तक 150 वार्डों के लिए 2,500 से अधिक आवेदन और बायोडाटा पहुंच चुके हैं। इनमें करीब 1,000 आवेदन महिला दावेदारों के हैं।

महिलाओं की दावेदारी सिर्फ महिला आरक्षित सीटों तक सीमित नहीं है। बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने सामान्य यानी ओपन वार्डों से भी टिकट मांगा है। ऐसे में टिकट वितरण के दौरान महिला उम्मीदवारों को लेकर पार्टी के भीतर काफी माथापच्ची होने की संभावना है।

150 वार्ड, लेकिन टिकट सिर्फ एक-एक

पार्षद की कुर्सी भले ही स्थानीय राजनीति का पद हो, लेकिन इसे भविष्य की बड़ी सियासी पारी की पहली सीढ़ी माना जाता है। यही वजह है कि टिकट के लिए नेताओं, पुराने कार्यकर्ताओं और नए चेहरों ने पूरी ताकत झोंक दी है।

एक तरफ पार्टी के पुराने और सक्रिय कार्यकर्ता अपनी संगठनात्मक पकड़ का हवाला दे रहे हैं, तो दूसरी ओर कई दावेदार स्थानीय जनाधार और व्यक्तिगत लोकप्रियता के आधार पर टिकट मांग रहे हैं।

लेकिन गणित बेहद मुश्किल है—2,500 से ज्यादा दावेदारों के सामने सिर्फ 150 टिकट।

बायोडाटा से ज्यादा चलेगी ‘पकड़’?

अब टिकट की असली लड़ाई बायोडाटा जमा करने के बाद शुरू होगी। पार्टी के सामने यह तय करने की चुनौती होगी कि किस दावेदार में जीतने की क्षमता सबसे ज्यादा है।

स्थानीय संगठन में पकड़, वार्ड में सक्रियता, जनता के बीच छवि, जातीय और सामाजिक समीकरण, आरक्षण और पिछले चुनावों के प्रदर्शन जैसे कई पहलुओं को टिकट वितरण में महत्वपूर्ण माना जा सकता है।

यानी अब सवाल सिर्फ यह नहीं होगा कि किसने बायोडाटा दिया, बल्कि यह होगा कि किसके पीछे संगठन और स्थानीय स्तर पर कितनी पकड़ है।

जयपुर में 11 सितंबर को वोटिंग

जयपुर नगर निगम के पार्षद पदों के लिए 11 सितंबर 2026 को मतदान होगा। इसके बाद 14 सितंबर को मतगणना की जाएगी।

इस बार जयपुर में एकीकृत नगर निगम के तहत कुल 150 वार्डों में पार्षदों का चुनाव कराया जाएगा। इनमें 50 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।

चुनावी तारीखों के साथ बढ़ी सियासी हलचल

राजस्थान में निकाय चुनाव दो चरणों में कराए जा रहे हैं। जयपुर नगर निगम के लिए दूसरे चरण में 11 सितंबर को मतदान होगा।

अब जैसे-जैसे मतदान की तारीख करीब आ रही है, वैसे-वैसे टिकट के दावेदारों की बेचैनी भी बढ़ती जा रही है। भाजपा में 2,500 से ज्यादा दावेदारों की मौजूदगी ने टिकट वितरण को खासा दिलचस्प बना दिया है।

अब देखना होगा कि पार्टी के टिकट की इस लंबी कतार में आखिर 150 खुशनसीब नाम कौन से होंगे, जिन्हें चुनावी मैदान में उतरने का मौका मिलेगा।

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