यूपी के गोंडा में जिला महिला अस्पताल में ऑपरेशन से डिलीवरी के बाद भर्ती प्रसूता अनसुइया (40) की रविवार देर रात मौत हो गई। मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में घंटों हंगामा किया। डॉक्टरों द्वारा इलाज में लापरवाही करने की बात कही।
सूचना पर सीएमएस डॉ. देवेंद्र सिंह और नगर कोतवाली पुलिस पहुंची। उन्होंने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। फिलहाल मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
मृतका देहात कोतवाली क्षेत्र के खरगूपुर चांदपुर ग्राम पंचायत के गोड़रिया गांव की रहने वाली थी। पति जिलेदार ने बताया कि शनिवार की रात उन्होंने पत्नी अनसुइया को प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। रविवार को ऑपरेशन से पुत्र का जन्म हुआ। इसके बाद महिला को वार्ड में भर्ती कर दिया गया।
बताया कि देर रात अचानक प्रसूता की तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर उन लोगों ने रेफर करने की बात कही। लेकिन, समय पर रेफर नहीं किया गया। काफी समय बीतने के बाद महिला को यहां से दूसरे अस्पताल ले जाया जा रहा था। लेकिन, अस्पताल के गेट पर ही उसने दम तोड़ दिया। पति जिलेदार व परिजनों ने लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. देवेंद्र सिंह ने आरोपों को निराधार बताया। कहा कि अनसुइया का ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा था और बच्चा सुरक्षित है। वार्ड में महिला को उल्टी हुई। आशंका है कि उल्टी श्वासनली में चली गई, इससे सांस लेने में दिक्कत हुई है। इसी कारण मौत हो गई। यह चिकित्सकीय जटिलता हो सकती है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई। फिर भी मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए गए हैं।

