हाथरस: रक्षाबंधन का त्योहार करीब आते ही घर लौटने वाली बहनों की आवाजाही बढ़ने लगी है। भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं और परिवार अपने घरों का रुख करेंगे, लेकिन हाथरस से सफर करने वाले यात्रियों के सामने सबसे बड़ी चिंता ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ को लेकर है।
हाथरस जंक्शन और हाथरस सिटी से दिल्ली, अलीगढ़, आगरा, मथुरा और कासगंज की ओर रोजाना बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। त्योहार के दौरान यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में नियमित ट्रेनों में पहले से मौजूद भीड़ के बीच महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए सफर मुश्किल हो सकता है।
इसी को देखते हुए यात्रियों और रेलवे परामर्शदात्री समिति से जुड़े लोगों ने स्पेशल ट्रेनें चलाने और मौजूदा ट्रेनों के फेरे बढ़ाने की मांग उठाई है।
कासगंज-मथुरा और दिल्ली-हावड़ा रूट पर बढ़ेगा दबाव
रक्षाबंधन के दौरान हाथरस से गुजरने वाले दोनों प्रमुख रेल मार्गों पर यात्रियों का दबाव बढ़ने की आशंका है। कासगंज-मथुरा रेल मार्ग के अलावा दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर भी त्योहार के कारण अतिरिक्त भीड़ हो सकती है।
यात्रियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान कई ट्रेनों में सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक भीड़ रहती है। ऐसे में यदि रेलवे पहले से अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था कर दे तो यात्रियों को काफी राहत मिल सकती है।
खासकर लंबी दूरी के सफर में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को ट्रेन में सीट या पर्याप्त जगह नहीं मिलने पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
‘जरूरत पड़ी तो चलेंगी स्पेशल ट्रेनें’
इज्जतनगर मंडल के पीआरओ सफदर हुसैन ने कहा कि यात्रियों की आवश्यकता और भीड़ को देखते हुए रेलवे की ओर से जरूरत पड़ने पर स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।
रेलवे का यह रुख यात्रियों के लिए राहत की खबर है, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि हाथरस से गुजरने वाले किन रूटों पर कितनी स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी और इनके फेरे कितने होंगे।
रेलवे से फेरे बढ़ाने की भी मांग
पूर्व रेलवे परामर्शदात्री समिति के सदस्य सौरव वर्मा ने कहा कि रक्षाबंधन पर बहनों और उनके परिवारों की आवाजाही काफी बढ़ जाती है। ऐसे में रेलवे को दोनों प्रमुख मार्गों पर स्पेशल ट्रेन चलाने के साथ-साथ मौजूदा ट्रेनों के फेरे भी बढ़ाने चाहिए।
पूर्व सदस्य दिनेश सरदाना ने कहा कि हाथरस से बड़ी संख्या में लोग मथुरा, आगरा, अलीगढ़ और दिल्ली की ओर यात्रा करते हैं। त्योहार के दौरान महिलाओं और बच्चों की सुविधा को देखते हुए रेलवे को अतिरिक्त रेल सेवाओं की व्यवस्था करनी चाहिए।
बहनों की घर वापसी पर टिकी नजरें
रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते का प्रमुख त्योहार है और इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने घरों की ओर लौटते हैं। हाथरस जैसे प्रमुख रेल कनेक्टिविटी वाले शहर में त्योहार के समय यात्रियों का दबाव बढ़ना स्वाभाविक है।
अब यात्रियों की नजर रेलवे की तैयारियों पर है। क्या समय रहते स्पेशल ट्रेनें और अतिरिक्त फेरे मिलेंगे, या फिर राखी के दिन बहनों को भीड़ भरे सफर की चुनौती का सामना करना पड़ेगा? रेलवे के आगामी फैसले से यह तस्वीर साफ होगी।

