UP Politics: अखिलेश यादव का BJP पर बड़ा तंज, ‘मंदिर के पैसे’ को लेकर गीत के जरिए घेरा; बोले- ‘ऐसा पैसा नहीं चाहिए’

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UP Politics: अखिलेश यादव का भाजपा पर तंज, गीतनुमा पोस्ट साझा कर चढ़ावा चोरी पर उठाए सवाल?

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच जुबानी जंग के बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को एक बार फिर भाजपा पर निशाना साधा। इस बार उन्होंने सीधे भाषण या बयान के बजाय गीतनुमा अंदाज में एक वीडियो पोस्ट कर मंदिर के चढ़ावे और धर्म-दान पात्र के पैसे को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए पोस्ट में लिखा, “राम जी से घात का पैसा, धर्म-दान पात्र का पैसा, भाजपा के पाप का पैसा नहीं चाहिए।” इसके आगे उन्होंने ऐसे पैसे को स्वीकार नहीं करने की बात कही और लिखा कि ऐसा पैसा न तो ज्यादा दिन फलेगा और न ही चलेगा।

‘पैसे का लालच दिखाए तो पूछो- मंदिर का मान क्यों चुराया?’

अखिलेश यादव ने अपने संदेश में भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि यदि भाजपा की ओर से कोई पैसे का लालच दिखाए तो उससे सवाल किया जाए कि “क्यों चुराया मंदिर का मान, क्यों गिराया?”

उन्होंने आगे लिखा कि जिस पैसे से पाप लगे, उसे हाथ नहीं लगाना चाहिए। उनके मुताबिक, ऐसे पैसे को स्वीकार करने पर श्राप लगने और पाप के विनाशकारी परिणाम की बात कही गई है।

गीत के जरिए BJP पर हमला

अखिलेश यादव के पोस्ट में संदेश को कविता और गीत की शैली में पेश किया गया है। इसमें बार-बार “नहीं चाहिए” कहकर कथित तौर पर मंदिर के चढ़ावे और धर्म-दान से जुड़े पैसे को भाजपा के साथ जोड़ते हुए सवाल उठाए गए हैं।

पोस्ट में लिखा गया:

“राम जी से घात का पैसा
धर्म-दान पात्र का पैसा
भाजपा के पाप का पैसा
नहीं चाहिए-नहीं चाहिए।”

इसके बाद संदेश में कहा गया कि ऐसा पैसा ज्यादा दिन नहीं चलेगा और जो इसे लेगा, उसे पाप लगेगा।

मंदिर के चढ़ावे को लेकर फिर सियासी वार

अखिलेश यादव का यह हमला मंदिर के चढ़ावे और दान की राशि को लेकर भाजपा पर किए जाने वाले उनके पहले के राजनीतिक हमलों की कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। इस बार उन्होंने अपने संदेश को वीडियो-गीत के जरिए पेश किया है, जिससे सोशल मीडिया पर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।

हालांकि, अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए आरोप राजनीतिक आरोप हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में भाजपा की ओर से इस विशेष पोस्ट पर तत्काल प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है। ऐसे में इस पोस्ट को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए, किसी स्थापित तथ्य के रूप में नहीं।

2027 से पहले UP में बढ़ती सियासी तल्खी

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और सपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। अखिलेश यादव का यह नया हमला भी इसी व्यापक सियासी टकराव का हिस्सा माना जा रहा है। मंदिर, धर्म और सरकारी योजनाओं से जुड़े मुद्दे पहले से ही प्रदेश की राजनीति में प्रमुख बहस का हिस्सा हैं।

अखिलेश की इस पोस्ट ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि क्या मंदिर और धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दे आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा और विपक्ष के बीच बड़े राजनीतिक हथियार बनने जा रहे हैं?

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