जालौन: एंजिल विंग्स एकेडमी के पास 33 केवी विद्युत लाइन शिफ्ट किए जाने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। सोमवार को स्कूल प्रबंधक नरेंद्र श्रीवास्तव दो दर्जन से अधिक बच्चों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपकर विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
स्कूल प्रबंधक ने आरोप लगाया कि विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बिना पूर्व सूचना स्कूल परिसर के पास पहुंचकर 33 केवी लाइन को शिफ्ट करने का प्रयास किया। उनका दावा है कि जिस स्थान पर नया विद्युत पोल लगाया गया है, वह स्कूल भवन से महज आठ से दस फीट की दूरी पर है। इससे बच्चों और स्कूल स्टाफ की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
‘बिना सूचना पुलिस के साथ स्कूल पहुंचे अधिकारी’
प्रबंधक नरेंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक 14 अगस्त को विद्युत विभाग के कुछ अधिकारी पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों के साथ स्कूल परिसर में पहुंचे थे। आरोप है कि अधिकारियों ने स्कूल भवन के पास 33 केवी लाइन शिफ्ट करने का प्रयास किया।
प्रबंधक का कहना है कि जब स्कूल प्रबंधन ने इसका विरोध किया तो कथित तौर पर अभद्रता और धमकी दी गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और विद्युत विभाग का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
‘स्कूल भवन से सिर्फ 8-10 फीट दूर पोल’
स्कूल प्रबंधन की सबसे बड़ी आपत्ति नए विद्युत पोल की स्थिति को लेकर है। प्रबंधक का दावा है कि पोल स्कूल भवन से केवल आठ से दस फीट की दूरी पर लगाया गया है।
उनका कहना है कि स्कूल में बड़ी संख्या में बच्चे और स्टाफ मौजूद रहते हैं। ऐसे में हाई वोल्टेज लाइन को भवन के इतने करीब ले जाने से सुरक्षा संबंधी सवाल पैदा होते हैं।
प्रबंधक ने प्रशासन से मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विद्युत लाइन को स्कूल की बाउंड्री से बाहर सरकारी चकरोड पर शिफ्ट किया जाए या फिर इसे भूमिगत करने की व्यवस्था की जाए।
बच्चों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
मामले को लेकर सोमवार को स्कूल प्रबंधक दो दर्जन से अधिक बच्चों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।
ज्ञापन में विद्युत लाइन शिफ्टिंग की प्रक्रिया की जांच करने के साथ ही, यदि किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
शासन और उच्चाधिकारियों को भी भेजी शिकायत
स्कूल प्रबंधक के अनुसार मामले की शिकायत की प्रतियां शासन और विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों को भी भेजी गई हैं। उनका कहना है कि स्कूल प्रबंधन का उद्देश्य किसी विभागीय कार्य में बाधा डालना नहीं, बल्कि बच्चों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित कराना है।
फिलहाल इस पूरे विवाद में विद्युत विभाग की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में स्कूल प्रबंधन की ओर से लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति विभागीय पक्ष और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
अब सवाल यह है कि स्कूल भवन के पास प्रस्तावित 33 केवी लाइन की शिफ्टिंग तकनीकी और सुरक्षा मानकों के अनुरूप है या नहीं। प्रशासन और विद्युत विभाग की जांच के बाद ही इस विवाद की पूरी तस्वीर सामने आएगी।

