Hathras Accident: नींद में था पूरा परिवार, 100 की रफ्तार में कार ने खोया नियंत्रण; 6-7 बार पलटी, मां ने सीने से चिपकाकर बचाया बेटे को

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नींद में था पूरा परिवार: 100 किमी की थी रफ्तार, अनियंत्रित कार छह-सात बार पलटते हुए गड्ढे में जा गिरी

हाथरस: दिल्ली-कानपुर हाईवे पर सिकंदराराऊ के पास हुए भीषण सड़क हादसे की कहानी सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। कार में सवार परिवार हादसे के वक्त नींद में था और गाड़ी करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही थी। अचानक कार अनियंत्रित हुई और हाईवे पर लगे संकेतक से टकराने के बाद करीब छह से सात बार पलटते हुए गड्ढे में जा गिरी।

हादसे में घायल राजीव पाल ने अस्पताल में उस खौफनाक पल को याद किया। उन्होंने बताया कि कार की पिछली सीट पर चार लोग बैठे थे। उनका बेटा मां की गोद में सो रहा था और लगभग सभी लोग नींद में थे। तभी अचानक तेज आवाज हुई और अगले ही पल कार नियंत्रण से बाहर हो गई।

‘धमाका हुआ और कार पलटती चली गई’

राजीव पाल के मुताबिक हाईवे पर कार के संकेतक से टकराते ही तेज धमाका हुआ। इसके बाद कार लगातार पलटती चली गई। उन्होंने बताया कि कार के कई बार पलटने के दौरान वह बेहोश हो गए थे।

जब होश आया तो मंजर बेहद भयावह था। चारों तरफ खून दिखाई दे रहा था और लोगों की चीख-पुकार सुनाई दे रही थी। कुछ लोग कार में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे थे।

राजीव ने बताया कि सबसे पहले उन्हें अपने बेटे और पत्नी की चिंता हुई। उन्हें देखकर उनकी जान में जान आई। हादसे में रामजी खून से लथपथ पड़े थे, जबकि उनके मामा अवधेश और जगतपाल की हालत भी गंभीर थी।

पिचक गई थी पूरी कार, अंदर फंसे थे यात्री

हादसा इतना भीषण था कि कार बुरी तरह पिचक गई थी। उसमें बैठे लोग अंदर ही फंस गए थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद कार की चादर काटकर एक-एक करके घायलों को बाहर निकाला।

इसके बाद सभी को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल पहुंचने के बाद परिवार के लोगों को हादसे की सूचना दी गई। नोएडा में रहने वाले रामजी के भाई को जानकारी मिलने पर उन्होंने परिवार के दूसरे सदस्यों को खबर दी। इसके बाद परिजन सुबह तक अस्पताल पहुंच गए।

10 महीने पहले खरीदी थी पुरानी होंडा कार

मृतक रामजी के भाई श्याम ने बताया कि रामजी ने करीब 10 महीने पहले पुरानी होंडा कार खरीदी थी। परिवार के लोग इसी कार से घर आते-जाते थे।

हादसे के समय परिवार के लोग उन्नाव जा रहे थे। बताया गया कि राजीव पाल के चाचा का निधन हुआ था और इसी वजह से परिवार के कई सदस्य एक साथ उन्नाव के लिए रवाना हुए थे।

लेकिन रास्ते में हुआ हादसा परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द छोड़ गया।

मां ने बेटे को सीने से चिपका लिया और खुद झुक गईं

इस हादसे में सबसे भावुक तस्वीर ढाई साल के नक्श और उसकी मां गोल्डी से जुड़ी है।

नक्श कार की पिछली सीट पर अपनी मां की गोद में सो रहा था। जैसे ही कार ने अचानक नियंत्रण खोया, गोल्डी ने बिना एक पल गंवाए अपने बेटे को सीने से कसकर चिपका लिया और खुद उसके ऊपर झुक गईं।

इसके बाद कार कई बार पलटी। गोल्डी के सिर में गंभीर चोट आई और उनका हाथ भी टूट गया। वह बेहोश हो गईं, लेकिन हादसे के दौरान भी उन्होंने बेटे को अपनी पकड़ से अलग नहीं होने दिया।

शायद यही वजह रही कि इतनी भयानक दुर्घटना के बावजूद ढाई साल के नक्श को सिर्फ मामूली चोटें आईं।

एक मां की वह instinctive कोशिश उसके बेटे के लिए ढाल बन गई। हादसे ने जहां परिवार को गहरा जख्म दिया, वहीं गोल्डी की इस कोशिश ने एक मासूम की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।

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