शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में सोमवार सुबह बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर दिया। पुवायां थाना क्षेत्र के मुड़िया कुर्मियात गांव में एक नए मकान का लिंटर अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा। मलबे में दबने से चाचा और दो साल के भतीजे की मौत हो गई, जबकि बच्चे की मां गंभीर रूप से घायल हो गईं।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया और मलबे में दबे तीनों लोगों को बाहर निकाला।
बारिश के बीच अचानक भरभरा गया लिंटर
बताया गया कि गांव निवासी अरविंद ने करीब एक महीने पहले ही मकान का निर्माण कराया था। पड़ोस में राजाराम का कच्चा मकान है। रविवार रात से इलाके में बारिश हो रही थी।
बारिश के दौरान राजाराम के कच्चे मकान की दीवार ढह गई। इसके बाद उसका मलबा अरविंद के मकान की सिंगल ईंट की दीवार पर जा गिरा। बताया जा रहा है कि दीवार मलबे का अतिरिक्त भार नहीं सह सकी और इसके कारण मकान का लिंटर अचानक नीचे आ गया।
हादसे के समय अरविंद के भाई राजन कोरी (27), उनकी पत्नी काजल और दो वर्षीय बेटा आरव मकान के नीचे मौजूद थे।
तेज आवाज सुनकर दौड़े ग्रामीण
लिंटर गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। मकान का मलबा भारी होने के कारण राहत कार्य में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
ग्रामीणों ने मिलकर मलबा हटाया और उसके नीचे दबे राजन, काजल और आरव को बाहर निकाला। लेकिन तब तक राजन और उनके दो वर्षीय भतीजे आरव की मौत हो चुकी थी।
हादसे में गंभीर रूप से घायल काजल को तत्काल उपचार के लिए बंडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
हादसे की सूचना पर पहुंचे अधिकारी
घटना की जानकारी मिलते ही राजस्व विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे की जानकारी जुटाई।
एक ओर बारिश के कारण इलाके में पहले से मुश्किल हालात थे, वहीं इस हादसे ने परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं। गांव में दो मौतों के बाद शोक का माहौल है और परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

